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Indians Abroad Indians Abroad लंदन. नोबेल विजेता सर वीएस नायपॉल ने करीब चार दशकों तक अपनी पहली पत्नी को प्रताड़ित किया। उनकी जीवनी में यह भी खुलासा किया गया है कि लंदन की वेश्याओं के साथ उनके संबंध थे और उन्होंने 24 साल तक एक महिला को अपनी रखल बनाकर रखा।
त्रिनिदाद में भारतीय परिवार में जन्मे और ऑक्सफोर्ड में स्थान हासिल करने के बाद से ही ब्रिटेन में रह रहे 75 वर्षीय उपन्यासकार ने अपनी जीवनी में कबूल किया है कि उन्होंने अपनी पहली पत्नी पैट्रिशिया को लगातार सताया और उसे शादी की अंगूठी भी तोहफे में नहीं दी।
यह भी खुलासा हुआ है कि नायपॉल अपनी पत्नी को छोड़ देते थे जब वे एंग्लो-अर्जेटाइन महिला मिसेज गुडिंग के साथ यात्रा पर जाते थे और मिसेज गुडिंग के साथ वे 1972 में प्रेम प्रसंग में भी पड़ गए थे। नोबेल पुरस्कार विजेता ने माना है कि उन्होंने आजादी ले ली थी और पैट्रिशिया बर्बाद हो चुकी थी। नायपॉल ने इसे नियति करार दिया है।
जीवनी लिखने वाले पैट्रिक फ्रेंच ने दावा किया है कि नायपॉल शादी के तीन साल बाद ही लंदन की वेश्याओं के साथ संपर्क बनाने लगे थे।
'1958 की गर्मियों की बात है, नायपॉल ने अपने खयालों को हकीकत का रूप दिया और उन्होंने वेश्याओं के साथ शारीरिक संबंध बनाना शुरू कर दिया। वे वेश्याओं के नंबर स्थानीय अखबारों में पढ़ते थे और पैट्रिशिया जब स्कूल में पढ़ाने के लिए जाती थी तब दोपहर में चुपके से वेश्याओं के पास जाते थे।'
द डेली टेलीग्राफ ने जीवनी के हवाले से लिखा है कि नायपॉल ने माना है कि उनकी पत्नी की मौत के पीछे कहीं न कहीं उनके द्वारा दी गई मानसिक प्रताड़ना भी रही है। किताब में नायपॉल ने कहा है कि 'कैंसर से जूझ रही पैट्रिशिया ने काफी तकलीफ झेली। कहा जा सकता है कि मैंने उसे मार डाला। मैं कुछ-कुछ इस तरह महसूस करता हूं कि ऐसा कहा जा सकता है।'