नई दिल्ली: भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करके पार्टी व संघ परिवार में हलचल मचा दी है। पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह तो इतने बेचैन हुए कि शुक्रवार को वे शिकायत लेकर संघ के दो प्रमुख नेताओं के पास पहुंच गए।
अलग-थलग कर दिया : सूत्रों के मुताबिक, राजनाथ ने मोदी को लेकर दिए गए इंटरव्यू पर नाराजगी जताते हुए यह भी शिकायत की कि आडवाणी की आत्मकथा के विमोचन समारोह में उन्हें जानबूझकर अलग-थलग किया गया था। गौरतलब है कि आडवाणी ने गुरुवार को एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि प्रशासन व विकास के दृष्टिकोण से मोदी में सबसे ज्यादा संभावनाएं नजर आती हैं। आडवाणी से पूछा गया था कि क्या मोदी उनके उत्तराधिकारी होंगे।
उत्तराधिकारी का एलान : पार्टी में मोदी के बढ़ते कद से पहले ही परेशान कुछ नेता इसे परोक्ष रूप से किया गया उत्तराधिकारी का एलान मानते हैं। पार्टी के एक उपाध्यक्ष ने नाम न छापने की शर्त पर माना कि इस इंटरव्यू से पार्टी के कई नेता असहज महसूस कर रहे हैं। पार्टी में कुछ नेता ऐसे भी हैं, जो आडवाणी के जवाब को मोदी के कामकाज की सराहना भर मानते हैं। उन्हें इसमें कुछ भी विवादास्पद नजर नहीं आता।
मिली-जुली प्रतिक्रिया : पार्टी में संघ से आए प्रचारकों के समन्वय का काम संभाल रहे प्यारेलाल खंडेलवाल ने बेबाकी से कहा, ‘आडवाणी का बयान या तो संदर्भरहित है या उसे तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है।’ उन्होंने पार्टी कार्यकारिणी व राष्ट्रीय परिषद में प्रधानमंत्री पद के लिए आडवाणी की उम्मीदवारी के अनुमोदन का हवाला देते हुए कहा कि आडवाणी का पार्टी के लोकतंत्र में अटूट विश्वास है।
उन्होंने कहा, ‘मैं नहीं मानता कि आडवाणी ने मोदी को अपना उत्तराधिकारी बताया होगा।’ पार्टी के एक महासचिव का कहना था कि आडवाणी अच्छा काम करने वाले किसी भी व्यक्ति की खुलकर प्रशंसा करते हैं और मोदी के संदर्भ में भी उन्होंने ऐसा ही किया है।