Manoranjan
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टी-सीरीज के युवा मालिक भूषण कुमार की पत्नी और भूतपूर्व हीरोइन दिव्या खोसला कुमार अब निर्देशिका बन गयी हैं। उन्होंने दो साल का फिल्म मेकिंग कोर्स करने के बाद टी-सीरीज की क्रिएटिव हेड की बागडोर संभाल ली है। दिव्या कई म्यूÊिाक वीडियो का निर्देशन कर चुकी हैं और इन दिनों वह अपने होम प्रोडक्शन की दो फिल्में ‘कर्ज’ और ‘कजरारे’ का प्रोडक्शन संभाल रही हैं, जबकि इसी वर्ष के अंत तक उनके निर्देशन में बनने वाली फिल्म सेट पर जाने वाली है। उनसे बातचीत:
अभिनेत्री से निर्देशका, फिर प्रोडक्शन.. क्या ऐसा नहीं लगता कि आपने जरूरत से ज्यादा काम की जिम्मेदारियां सिर पर ले ली हैं?
दरअसल, मेरे भीतर की रचनात्मक शक्ति मुझे हमेशा बेचैन किये रहती थी। अपनी पहली फिल्म ‘अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो’ में अदाकारी के अलावा मैं उन दिनों भी फिल्म के हर पक्ष पर ध्यान देती थी। उसी सेट पर मैंने शू¨टग की बारीकियां, निर्देशन, एडीटिंग, पोस्ट प्रोडक्शन की बहुत सारी चीजें सीखीं। तब मुझे लगा कि एक्ंिटग से ज्यादा मजा तो क्रिएटिविटी क्षेत्र में है। शादी के बाद मैंने दो साल तक फिल्म मेकिंग का बाकायदा कोर्स किया। मुझे फिल्म मेकिंग में रुचि थी, इसीलिए मैं सीखकर ही इस क्षेत्र में आई।
इन दिनों किस एलबम का निर्देशन कर रही हैं?
हाल ही में मैंने पंकज उधास जी के एलबम ‘एंडलैस लव’ का एक गीत ‘आंसू जब भी पलकों से’ का निर्देशन किया था, जिसे काफी पसंद किया जा रहा है। आगे भी इसके तीन गीतों के वीडियो बनाने हैं। लेकिन ‘कर्ज’ की शूटिंग जारी है, लिहाजा समय का अभाव है। इससे पहले ‘फिर बेवफाई’ एलबम के गीतों के वीडियो निर्देशित किये थे। इसके अलावा मैंने एंटी पायरेसी पर एक एड् फिल्म भी बनाई है। आगे पाकिस्तानी गायक फाकिर के एक वीडियो की तैयारी करनी है। इसके अलावा म्यूÊिाक डायरेक्ट मिथुन का एलबम अप्रैल में शूट करना है। हमारी कंपनी की ‘कर्ज’ के साथ ‘कजरारे’ का भी काम चल रहा है। कुल मिलाकर व्यस्तता ही व्यस्तता है।
आपके अपने निर्देशन की फिल्म कब तक देख पाएंगे?
अगर सब कुछ ठीक रहा तो इस वर्ष के अंत तक मेरी फिल्म सेट पर चली जाएगी और अगले साल रिलीज होगी।
सुभाष घई की ‘कर्ज’ से आपकी रीमेक ‘कर्ज’ कितनी अलग है?
पहली ‘कर्ज’ की कहानी ऊटी की थी, हमारी कहानी केपटाउन की है। दूसरे, आज को देखते हुए टेक्नालॉजी के हिसाब से भी काफी बदलाव किये हैं। बेशक मुख्य प्लॉट से हमने कोई छेड़छाड़ नहीं की। इसमें निर्देशक सतीश कौशिक ने बहुत ज्यादा मेहनत की है। केपटाउन और बैंकाक में हमने पैंसठ फीसदी शूटिंग की है। आगे मुंबई में एक-दो सीक्वेंस तथा कुछ गीत शूट करते ही फिल्म कंप्लीट हो जाएगी।
‘कजरारे’ कितनी बन गई है? प्री-प्रोडक्शन का काम खत्म हो चुका है। स्क्रिप्ट तैयार है। हिमेश की हीरोइन के लिए नई लड़की की तलाश जारी है। दो-एक नामों पर विचार चल रहा है। इस फिल्म की शुरुआत 14 अप्रैल को जार्डन में होगी। फिल्म जार्डन और दुबई की वर्जिन खूबसूरत लोकेशनों पर फिल्माई जाएगी। जार्डन अभी तक हमारी फिल्मों से अछूता रहा है।
एक्ंिटग मिस तो करती होंगी?
बिल्कुल नहीं, क्योंकि मुझे निर्देशन ज्यादा चुनौतीपूर्ण लगता है। यहां सबके हिस्से की एक्ंिटग हो जाती है। अब तो अभिनय की इच्छा ही नहीं होती, वरना अब तक तो मैं आपको अपने दर्जनों वीडियोÊा में नÊार आ जाती।
आपके निर्देशन की फिल्म कैसी होगी?
मुझे भावनात्मक संवेदनशील विषय ज्यादा पसंद हैं। आमिर के निर्देशन में बनी फिल्म ‘तारे जमीं पर’ से मैं बहुत ज्यादा प्रभावित हूं। मेरी फिल्म भी कुछ ऐसी ही होगी। फिलहाल उसके विषय पर बात करना जल्दबाजी होगी।
आपकी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने में आपके पति का कितना सहयोग है?
मेरी हर कोशिश में वह मेरे साथ होते हैं। मैं हर चीज उनके साथ शेयर करती हूं और वह मुझे गाइड करते हैं। उनका मार्गदर्शन मेरे लिए बहुत मायने रखता है। उनके अनुभवों से मैं पूरा लाभ उठाती हूं। इतनी छोटी-सी उम्र में इतना कुछ हासिल कर लेना कोई हंसी खेल तो नहीं। वह सोलह से अट्ठारह घंटों तक लगातार काम करते हैं। उनसे मुझे भी काफी प्रेरणा मिलती है।
इतनी व्यस्तता होते हुए आप दोनों अपने लिए समय कैसे निकाल पाते हैं?
दरअसल समय निकाल कर या काम के बहाने हम विदेशों में नई लोकेशनें देखने नये-नये शहरों में निकल जाते हैं। वहां हम लांग ड्राइव करते हैं। फोटोग्राफी करते हैं। यानी Êिांदगी का भरपूर मजा लेने से जरा भी नहीं चूकते।