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Chandigarh Chandigarh नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने देश के कुछ चुनिंदा शहरों के 50 से 90 किलोमीटर के दायरे में आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में आईटी सेक्टर इंवेस्टमेंट एरिया स्थापित करने का निर्णय लिया है। आईटी उद्योग से जुड़े लोग ग्रामीण क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर निवेश करें, इसके लिए केंद्र उन्हें सेज की तर्ज पर तमाम सुविधाएं और छूट देने पर विचार कर रहा है।
केंद्रीय दूरसंचार राज्यमंत्री डॉ. शकील अहमद ने योजना की पुष्टि करते हुए कहा कि इससे संबंधित नियम बनाए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य आईटी उद्योग से सृजित नौकरियों को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना है। इस योजना में पंजाब-हरियाणा के सात शहर शामिल है।
दूरसंचार मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इस योजना के तहत दूसरे और तीसरे दर्जे के उन्हीं शहरों को रखा गया है, जिनमें आईटी सिटी बनाने की योजना है। सरकार की कोशिश है कि यदि आईटी उद्योग के कारोबारी किन्हीं कारणों से शहर के पास जमीन खरीदने में असमर्थ हों तो वे गांवों के इन विशेष क्षेत्रों में निवेश कर सकें।
केंद्र का कहना है कि इन आईटी क्षेत्रों में राज्य सरकारों की मदद से बिजली, पानी, सड़क, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। दूरसंचार मंत्रालय ने गांवों में इंटरनेट और आईटी सुलभता के लिए ब्रॉडबैंड के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्णय भी लिया है।
योजना के दायरे में आएंगे ये शहर लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, बठिंडा, पठानकोट, सिरसा, सोनीपत, जम्मू, नैनीताल, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जयपुर, कोटा, उदयपुर, न्यू रायपुर, दरभंगा, पटना, मुजफ्फरपुर, भुवनेश्वर, गंगटोक, सिलीगुड़ी और न्यू जलपाईगुड़ी।