News
Metros
Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. हरियाणा के लिए अलग हाईकोर्ट के मसले पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। शुक्रवार को कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने यह मांग सिरे से खारिज कर दी। उन्होंने कहा, ‘सबकुछ ठीक चल रहा है, हरियाणा से जाटों को जज बना दिया और पंजाब से सिखों को। दोनों को प्रतिनिधित्व दे दिया है, ऐसे में अलग होने की बात कौन करेगा।’
भारद्वाज शुक्रवार को यहां एशिया पैसिफिक ज्युरिस्ट एसोसिएशन की ओर से आयोजित सेमिनार में आए हुए थे। उन्होंने कहा, ‘हरियाणा के वकीलों की शिकायत है कि उन्हें हाईकोर्ट में जज के रूप में पूरा प्रतिनिधित्व नहीं मिलता और इसी वजह से वह अलग हाईकोर्ट चाहते हैं। भविष्य में उन्हें जजों की नियुक्ति में पूरा हिस्सा मिलेगा। ऐसे में मैं समझता हूं कि हरियाणा के लिए अलग हाईकोर्ट की जरूरत नहीं है।’
नए जज अगले माह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में जजों की नियुक्ति के बारे में उन्होंने कहा कि अप्रैल तक हाईकोर्ट को कुछ नए जज मिल जाएंगे। इसके लिए पहले ही 8 लोगों के नाम भेजे जा चुके हैं।
टेलेंट से समझौता नहीं
हाईकोर्ट में अब तक एससी कोटे से जज नियुक्त न होने के बारे में भारद्वाज ने कहा कि हाईकोर्ट का जज सुपीरियर और महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में इस पद पर नियुक्ति में टैलेंट से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट से किसी सक्षम एससी कैंडिडेट का नाम आएगा तो उस पर विचार किया जाएगा।
मामले को पहले दी थी हवा
हंसराज भारद्वाज ने ही एक समय हरियाणा के लिए अलग हाईकोर्ट की मांग को हवा दी थी। इसके लिए बाकायदा केंद्र की टीम प्रदेश का दौरा भी कर चुकी है।