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रंगों का कोई मजहब नहीं है और न ही रंग सरहदों के मोहताज हैं, तभी तो हजारों मील दूर वेस्टर्न कल्चर में पले बढ़े लोग भी खुद को होली के रंगों में रंगने से रोक नहीं पाए। एक बार रंग चढ़ा तो फिर क्या था.. देखते ही देखते सब रंगों से सराबोर हो गए।
यह नजारा पेश आया यूथ ग्लोबल ऑर्गेनाइजेशन में इन्टर्न के लिए आए विदेशी स्टूडेंट्स के सेक्टर-37 स्थित मकान पर। यह स्टूडेंट कुछ अरसे के लिए इंडिया आए हैं लेकिन शुक्रवार को हवा में उड़ते होली के रंग में रंगने का मोह वे भी नहीं छोड़ पाए। इन विदेशी मित्रों के साथ आईसेक की वाइस प्रेजिडेंट सुगंधा अरोड़ा, प्रिया और विक्रम ने भी होली खेली।
सांस्कृतिक धरोहर संजोने के मामले में दुनिया में अलग ही मुकाम बना चुके चीन के स्टूडेंट स्टैन ने अपने देश की परंपरा को यहां भी बरकरार रखा। जैसे ही साथी स्टूडेंट्स के चेहरों पर रंग पड़ा तो स्टैन भी होली के रंगों में डूब गया। नीदरलैंड की एनडिआ, एनेट, लिके, एनिक और हंगरी के टेम्स टोटह ने भी जमकर होली खेली। रंगों से शुक्रवार को ही सराबोर हुए ये विदेशी स्टूडेंट्स इस बात से खुश हैं कि शनिवार का दिन भी उनके पास मस्ती के लिए है। एनडिआ और लिके ने भी होली का भरपूर मजा लिया। शनिवार को यह सभी लोग अपने किसी इंडियन फ्रेंड के घर जाएंगे और वहां जमकर होली खेलेंगे।