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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के आदेश पर शासन ने दुर्ग के व्याख्याता के अभ्यावेदन पर विचार कर उनके तबादले का आदेश निरस्त कर दिया है। हाईकोर्ट ने शासन को याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर चार सप्ताह में निराकरण करने का आदेश दिया था।
प्रकरण के अनुसार एसडी मिश्रा शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला दीपक नगर दुर्ग में पदस्थ थे। शासन ने अपने एक आदेश में उन्हें पदोन्नत कर व्याख्याता, वाणिज्य के पद पर उच्चतर माध्यमिक शाला, धनौद-दुर्ग पदस्थ करने का आदेश दिया। श्री मिश्रा ने आदेश मिलते ही धनौद में अपने नए कार्यभार के लिए उपस्थिति दे दी। इसके बाद 29 दिसंबर 2007 को एसडी मिश्रा के नाम जारी नए आदेश में उन्हें धनौद के स्थान पर कांकेर भेजने की जानकारी दी गई। स्थान बदलने की वजह धनौद में पद रिक्त नहीं होना बताया गया।
श्री मिश्रा ने नए आदेश से क्षुब्ध होकर वकील अजय श्रीवास्तव के जरिए हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की। याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि दुर्ग जिले में ही वाणिज्य संकाय में तीन स्कूलों में व्याख्याता का पद रिक्त है। इसके अतिरिक्त तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता की पत्नी भी दुर्ग जिले में ही पदस्थ है। मध्य सत्र में तबादला करने से बच्चों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न हो जाएगी अत: जिले के बाहर स्थानांतरण का आदेश निरस्त किया जाए।
हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के तर्को से सहमति जताते हुए याचिकाकर्ता को इन्हीं आधारों पर विभाग को अभ्यावेदन भेजने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने शासन को आदेश दिया कि वह याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर विधि अनुसार 4 सप्ताह में निराकरण करे। शासन ने इस आधार पर याचिकाकर्ता का तबादला कांकेर से निरस्त कर शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला अमेरीकला, दुर्ग करने का आदेश दिया।