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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. रोजगार गारंटी योजना या गरीबी उन्मूलन की ‘नवां अंजोर’ परियोजना, ग्राम पंचायतों के बजट अनुमोदन, अंकेक्षण जैसे मामलों में अव्वल आने वाला जिला संपूर्ण स्वच्छता अभियान में बहुत पीछे है। फरवरी 2008 में जारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रगति प्रतिवेदन के आंकड़े बताते हैं कि सामुदायिक स्वच्छता परिसर के अंतर्गत एक भी शौचालय का निर्माण नहीं किया जा सका। स्कूल शौचालय एवं आंगनबाड़ी शौचालय का भी लक्ष्य 30 से 45 फीसदी तक सीमित रहा।
आंकड़ों के मुताबिक जिले में सामुदायिक स्वच्छता परिसर के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों में 5-5 संयुक्त शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, परंतु किसी भी विकासखंड में इसका निर्माण नहीं किया जा सका। इसी प्रकार जिले के स्कूलों में 4263 शौचालय के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, परंतु निर्माण मात्र 1308 शौचालयों का ही किया जा सका।
आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण के लिए 1471 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया, परंतु इसकी तुलना में 703 शौचालयों का निर्माण किया गया। जानकारी के अनुसार गांवों में ग्रामीणों के घरों में शौचालय निर्माण के लिए एपीएल तथा बीपीएल वर्ग के लिए क्रमश: जिले का लक्ष्य 171198 तथा 205812 शौचालयों का निर्धारित किया गया था। लक्ष्य के विरुद्ध एपीएल वर्ग के अंतर्गत 47078 तथा बीपीएल वर्ग में 50538 शौचालयों का निर्माण किया गया। एपीएल एवं बीपीएल वर्ग के लिए संयुक्त रुप से निर्धारित 377010 शौचालय के निर्माण के लक्ष्य की तुलना में 97616 शौचालयों का निर्माण पूर्ण किया गया, जो कि लक्ष्य का करीब 24 फीसदी होता है।
संपूर्ण स्वच्छता अभियान के अंतर्गत विभाग के प्रगति प्रतिवेदन में शौचालय निर्माण के लिए जारी स्वीकृतियों का ब्योरा नहीं है। विकासखंडों को अभियान का लक्ष्य जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश हैं। आशा है कि जारी निर्माण कार्य इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण हो जाएंगे।
—प्रभात झा, एडीशनल सीईओ, जिला पंचायत