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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
होर्डिग्स कारोबारियों ने सरकारी विज्ञापनों का सबसे ज्यादा फायदा उठाया है। ऐसी जगहें जहां कभी होर्डिग नहीं लगे, सरकारी विज्ञापनों की आड़ में इसे लगाया गया। कुछ दिन बाद सरकारी विज्ञापन हट गए और दूसरे लगा दिए गए। घनी आबादी में सरकारी विज्ञापनों के बहाने भारी-भरकम स्ट्रक्चर खड़े किए गए, अब उन्हीं होर्डिग्स का व्यावसायिक दोहन शुरू हो गया।
निगम के अफसरों ने माना कि राज्य बनने के बाद भी होर्डिग्स के मामले में मध्यप्रदेश के सालों पुराने नियमों से ही काम चलाया जा रहा है। इन नियमों में इस बात का उल्लेख ही नहीं है कि शहर में होर्डिंग्स कितने हों, किस स्थान पर लगाए जाएं, इनकी सड़क से दूरी कितनी हो और मटेरियल कैसा लगाया जाए।
अफसरों के मुताबिक नियम तो ऐसे बनाए जाने चाहिए, जिसमें होर्डिंग्स लगाने से पहले कंपनी तमाम ब्योरा देकर निगम से इजाजत ले। इसके बाद टैक्स वगैरह अदा करने के बाद ही स्ट्रक्चर खड़ा किया जाए। अभी ऐसा हो रहा है कि विज्ञापन एजेंसियों को जिस जगह का आर्डर मिलता है, वहीं स्ट्रक्चर खड़ा कर होर्डिग लगा दिए जाते हैं। निगम को इसकी सूचना बाद में दी जाती है। नगर निगम भी इस मामले में अब तक कोई पहल नहीं कर पाया है।
नई पालिसी : महापौर
महापौर सुनील सोनी ने स्वीकार किया कि पुराने नियमों में कमियां थीं और नगर निगम बहुत ज्यादा एलर्ट भी नहीं हो पाया। यही वजह है कि नई पालिसी बनाई गई है। इसके बाद निगम हर मार्ग का सर्वे कराकर पता लगाएगा कि किस मार्ग में कितने होर्डिंग्स अवैध रूप से लगे हैं। अवैध और खतरनाक हर्ो्िडग को हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
नागपुर की पालिसी
निगम आयुक्त जितेद्र शुक्ला का कहना है कि पुराने नियमों की कमी दूर करने के लिए निगम ने नागपुर की तर्ज पर नई पालिसी बनाई है। इसमें कमियां दूर कर गईं। नई पालिसी सामान्य सभा के अनुमोदन के बाद लागू कर दी जाएगी। इसके बाद जोन स्तर पर नगर निवेश विभाग का मैदानी अमला निगरानी करेगा। जुर्माना भी यही अमला करेगा।
कांग्रेस पार्षद दल छेड़ेगा आंदोलन
शहर में अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ कांग्रेस पार्षद दल ने आंदोलन का ऐलान किया है। नेता प्रतिपक्ष कुलदीप जुनेजा और प्रवक्ता प्रमोद दुबे ने इस मामले में एक राजनेता पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और कहा कि यह मामला हर बार सामान्य सभा में उठाया गया।
महापौर से लेकर पूरी एमआईसी को इस बात की जानकारी है। चूंकि राजनेता निगम से जुड़ा है, इसलिए नई पालिसी पर अमल भी नहीं हो पा रहा है। कांग्रेस पार्षद दल 8 मार्च को होने वाली निगम की सामान्य सभा में यह मुद्दा फिर उठाएगा।
क्या है नियम?
होर्डिंग्स लगाने के लिए एजेंसियों को निगम में पंजीयन कराना होता है। पंजीकृत एजेंसी निगम सीमा होर्डिंग्स लगाने के लिए अधिकृत हो जाती है। होर्डिंग्स लगाते समय इंजीनियर का साइट सर्टीफिकेट लेना जरूरी है। इस सर्टीफिकेट के आधार पर ही निगम का नगर निवेश विभाग साइट का इंस्पेक्शन कर होर्डिग लगाने की इजाजत देता है।
ये हैं कमियां
>> प्रतिबंधित इलाकों का जिक्र नहीं
>> कहां-कितने होर्डिग्स होने चाहिए
>> किस मटेरियल का इस्तेमाल हो
>> होर्डिग्स की ऊंचाई और साइज क्या हो?