भोपाल. गोंगपा के विधायक निर्दलीय राज्यसभा प्रत्याशी विवेक तन्खा के पक्ष में वोट देंगे। उधर निलंबित सपा विधायक किशोर समरीते ने कहा है कि श्री तन्खा का प्रस्तावक बनने के लिए उनसे दबाव में हस्ताक्षर कराए गए हैं, इसकी शिकायत वे चुनाव आयोग में करेंगे। वहीं जमुना देवी ने श्री समरीते रिश्वत मामले को लेकर आईजी को पत्र लिखा है।
समाजवादी पार्टी के बाद अब गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने भी व्हिप जारी कर विधायकों को निर्दलीय राज्यसभा प्रत्याशी विवेक तन्खा के पक्ष में ही वोट देने का निर्देश दिया है। प्रदेश विधानसभा में गोंगपा के तीन विधायक रामगुलाम उइके, मनमोहन शाह बट्टी और दरबू सिंह उइके हैं। पार्टी के महासचिव धीरेंद्र सिंह धीरू ने बताया कि विधायकों से भविष्य को देखते हुए व्हिप का पालन करने को कहा गया है।
दलबदल कानून के मुताबिक, व्हिप का उल्लंघन करने विधायकों की सदस्यता समाप्त की जा सकती है। गोंगपा में भी सपा की ही तरह विधायकों में राज्यसभा चुनाव को लेकर मतभेद हैं।
जबरिया प्रस्तावक बनाए जाने की शिकायत दर्ज कराएंगे समरीते
सपा विधायक किशोर समरीते अब उस प्रस्ताव पर जबरिया दस्तखत कराने की शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं, जिसपर अन्य सपा विधायकों के साथ उनके भी हस्ताक्षर है। वे सोमवार को पुलिस, राज्यसभा चुनाव के निर्वाचन अधिकारी और चुनाव आयोग से इसकी शिकायत करेंगे। श्री समरीते राज्यसभा के निर्दलीय प्रत्याशी विवेक तन्खा का प्रस्तावक बनने के बाद उन्हीं को वोट देने के लिए रिश्वत दी जाने का आरोप लगा चुके है।
शुक्रवार रात दैनिक भास्कर से बातचीत में श्री समरीते ने कहा कि वे पार्टी व्हिप का पालन नहीं करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री तन्खा ने नामजगदगी पर्चे पर बतौर प्रस्तावक उनके दस्तखत दबाव डालकर कराए हैं। यह पूछने पर कि क्या पार्टी के जिन अन्य विधायकों ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं, उनके खिलाफ भी शिकायत कराएंगे? समरीते ने कहा कि वे इस पर अभी विचार करेंगे। जो भी होगा सोमवार को सामने आ जाएगा। पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई से बेखौफ समरीते ने कहा ‘मैं हारने या डरने वाला व्यक्ति नहीं हूं।’