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गलत उत्तर पर नहीं काटेगें पूरे अंक

भोपाल.examमाध्यमिक शिक्षा मंडल ने अपनी परीक्षाओं की मूल्यांकन पद्घति में बदलाव कर दिया है। अब परीक्षार्थी को किसी प्रश्न के गलत उत्तर पर भी उत्तर के सही हिस्से के अंक दिए जाएंगे। हालिया संपन्न हायर सेकंडरी और हाईस्कूल की परीक्षा की कापियों की जांच से ही इस व्यवस्था को लागू कर दिया गया है।

अब तक हाईस्कूल व हायर सेकंडरी बोर्ड परीक्षा में किसी उत्तर के गलत होने पर परीक्षार्थी को संबंधित प्रश्न के लिए कोई अंक नहीं दिया जाता है। अब ऐसा नहीं होगा। यदि उत्तर का थोड़ा-सा भाग भी सही है, तो परीक्षार्थी को उस भाग के हिसाब से नंबर मिलेंगे।

कैसे होगा ऐसा:

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने मूल्यांकन के मापदंडों में उत्तर को तीन भागों में बांट दिया है। इसके तहत किसी भी उत्तर को प्रस्तावना, मध्य भाग और उपसंहार इन तीन भागों में जांचा जाए। इनमें से प्रत्येक सही भाग के लिए परीक्षार्थी को अंक दिए जाएंगे। मिसाल के तौर पर, यदि किसी परीक्षार्थी ने उत्तर की शुरुआत यानी प्रस्तावना ठीक ढंग से लिखी है, तो उसे उस आधार पर नंबर दिए जाएंगे, भले ही मध्यभाग और उपसंहार गलत हो।

इन्हें मिलेगा ज्यादा फायदा:

व्यवस्था में इस बदलाव का सबसे अधिक फायदा मैथ्स, कामर्स, इंग्लिश और साइंस विषय के विद्यार्थियों को मिलेगा। खासतौर पर मैथ्स में परीक्षार्थी कई बार फामरूला ठीक लिख देते हैं, लेकिन हल गलत कर देते हैं या उत्तर गलत आता है। इस स्थिति में अभी तक पूरा हल ही गलत मान लिया जाता था, लेकिन अब उसे फामरूले और जहां तक सही उत्तर किया गया है, वहां तक के नंबर दिए जाएंगे। इसी तरह विज्ञान में फामरूला सही होने पर कुछ नंबर मिल सकेंगे।

समय की पाबंदी

परीक्षा की कापी के प्रत्येक उत्तर का विश्लेषणात्मक मूल्यांकन हो सके, इसके लिए मूल्यांकनकर्ताओं के लिए हर दिन कम से कम पांच घंटे कापी जांचना अनिवार्य किया गया है। कोई भी मूल्यांकनकर्ता एक दिन में कम से कम 30 और अधिकतम 45 कापी जांचेगा। मूल्यांकन करने वाले के लिए 30 अथवा 45 कापी जांचने की सूरत में क्रमश: पांच और सात घंटे कापी जांचना जरूरी किया गया है।

फैक्ट फाइल

>> 64.80 लाख कॉपियां जांची जाएंगी।
>> 7000 से अधिक मूल्यांकनकर्ता लगेंगे।
>> 2500 परीक्षा केंद्रों से आएंगी कॉपियां।

इन स्थितियों में दो बार जांची जाएंगी कापियां

>> शून्य अंक आने पर।
>> दस से कम अंक आने पर।
>> 33 में एक-दो अंक कम आने पर।
>> प्रथम श्रेणी आने पर।

मूल्यांकनकर्ताओं को प्रत्येक उत्तर को पूरी गहनता से जांचने के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी छात्र का अहित न हो। इसके लिए हर उत्तर को तीन भागों में बांट कर उसका मूल्यांकन किया जाएगा। इसमें जैसा परीक्षार्थी ने लिखा होगा, वैसे ही नंबर मिलेंगे।
- डीडी अग्रवाल, सचिव, माशिमं, मप्र





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