इंदौर. गवर्नमेंट आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के सामने एबी रोड पर नर्मदा की मेन लाइन फूटने के कारण शुक्रवार को जलसंकट गहरा गया। ठप सप्लाई और होली के कारण बढ़ी मांग के कारण शनिवार को भी लोग पानी के लिए परेशान होंगे। बतौर विकल्प निगम द्वारा लगाए टैंकर भी नाकाफी साबित हुए।
गुरुवार शाम खुदाई के दौरान मुख्य लाइन के दस पाइप धंस गए। रात में ही सुधार शुरू हुआ लेकिन पानी के कारण दलदल इतना था कि शुक्रवार शाम तक सफलता नहीं मिली। करीब चार सौ ट्रक मुरम बिछाई गई। लाइन भंवरकुआं के आगे फूटी थी इसलिए भंवरकुआं टंकी भर गई लेकिन उससे आगे की पीडब्ल्यूडी, यशवंत क्लब और आंबेडकरनगर की टंकियां खाली रहीं।
खजराना, हिना पैलेस, खिजराबाद कॉलोनी, मालवीयनगर, कृष्णबाग, प्रकाशचंद सेठीनगर, अनुरागनगर और मालवा मिल क्षेत्र में भी सीधी सप्लाई नहीं हो पाई। शनिवार तक लाइन नहीं सुधरी तो रविवार को भी सप्लाई नहीं होगी।
पाइप बुलाना पड़े- अधिकारियों ने बताया हमारे पास 4 मीटर लंबे पाइप थे। उनका उपयोग करने पर 13 जोड़ लगाना पड़ते। एक जोड़ में दो घंटे लगते हैं। ऐसे में 12 मीटर लंबे पाइप बुलाए गए। इसमें 5 जोड़ आएंगे। मजबूती ज्यादा रहेगी और वक्त कम लगेगा। जोड़ के लिए रिंग कोलकाता से बुलाई जा रही है।
70 हजार के उपयोग में आता इतना पानी
लाइन फूटते ही भंवरकुआं टंकी में बैठे कर्मचारियों ने तीसरे मिनट में नर्मदा कंट्रोल रूम को सूचना दी। चौथे मिनट में राजेंद्रनगर कंट्रोल रूम से सप्लाई रोक दी गई। इंजीनियरों के अनुसार 1200 एमएम लाइन से एक मिनट में एक लाख गैलन पानी सप्लाई होता है। यानी लाइन फूटने से सप्लाई बंद होने के बीच करीब चार लाख गैलन पानी बह गया जिससे ७क् हजार लोगों की पूर्ति की जा सकती थी।
शनिवार सुबह तक सुधार संभव
कार्यपालन यंत्री गोपाल डबकरा ने बताया काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है शनिवार सुबह तक लाइन ठीक हो जाएगी। ऐसा हुआ तो दिनभर पूर्वी क्षेत्र में सप्लाई करके पूर्ति कर देंगे।
25 लाख का फटका
अफसरों के अनुसार सुधार कार्य में परियोजना के स्टाफ के साथ 50 मजदूर और कई मशीनें लगी हैं। पाइप खरीदी और सुधार पर निगम के करीब 25 लाख रुपए खर्च होंगे। मुरम का खर्च अलग।
यहां भी धंस सकते हैं पाइप
जीएसीसी से नौलखा की ओर भी हालात ऐसे ही हैं। वहां छह पाइपों के एक हिस्से से मिट्टी हटा दी गई है। मुरम नहीं डाली तो वहां भी पाइप धंस सकते हैं।