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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. शहर की पेयजल व्यवस्था पर हाईकोर्ट की नजर रहेगी, पेयजल समस्या को लेकर लंबित एक याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ककेटो से तिघरा पानी लाने में रुकावट न आए,कोई राजनीतिक हस्तक्षेप कर रुकावट डालता है या पानी की चोरी करता है तो उसके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए।
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने जल संसाधन विभाग को कहा है कि सात अप्रैल या उससे पहले ककेटो से तिघरा डैम में पर्याप्त पानी पहुंचाने के बारे में सुनिश्चित किया जाए। ककेटो से तिघरा डेम तक पानी की चोरी न हो, इस संबंध में कार्रवाई की जाए।
ककेटो से तिघरा डेम में पानी आने के दौरान पानी चोरी हो गया, इसलिए पर्याप्त पानी तिघरा को नहीं दे सके, यह बचाव जल संसाधन विभाग और राज्य शासन का नहीं माना जाए। ककेटो से तिघरा तक पानी आने के लिए कैनाल तैयार की गई है, वह सिंचाई के लिए है। तिघरा तक पानी लाए जाने के लिए पाइप लाइन आदि डालने की व्यवस्था की जाए और योजना बनाई जाए।
हाईकोर्ट ने कहा कि सन् 2025 तक शहर की जनता को लगातार पानी मिले, इसके लिए ककेटो से तिघरा डेम तक पाइप लाइन के जरिए पानी पहुंचाने के लिए जो 206 करोड़ रुपए की योजना बनाई है, उस योजना को राज्य शासन चार सप्ताह में मंजूरी दे। उस योजना पर एक वर्ष के अन्दर क्रियान्वयन हो, इस संबंध में कार्रवाई की जाए।
नगर निगम को हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि वह पानी के बचाव के लिए वाटर हार्वेस्टिंग के लिए योजना छह माह में तैयार करे और उसे न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की जाए। हाईकोर्ट ने इसके साथ ही नगर निगम से कहा है कि शहर के किसी क्षेत्र में पेयजल समस्या न हो, इसके लिए पेयजल वितरण सुव्यवस्थित हो, जहां किल्लत हैं वहां टैंकरों तथा अन्य साधनों से पानी मुहैया कराया जाए।
स्मरण रहे कि अभिभाषक एसके शर्मा ने अपने वार्ड की पेयजल समस्या को लेकर एक जनहित याचिका पेश की है जिसमें वार्ड की पेयजल समस्या के साथ-साथ ग्वालियर शहर की पेयजल व्यवस्था को जोड़ा गया है।
याचिका में मुख्य सचिव मप्र शासन, महापौर, सांसद यशोधरा राजे, क्षेत्रीय विधायक एवं मप्र के राजस्व राज्य मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, कलेक्टर ग्वालियर, नगर निगम कमिश्नर, सीई पीएचई, ईई पीएचई आदि को पार्टी बनाया है। इस याचिका की पूर्व में हुई सुनवाई के समय राज्य शासन, नगर निगम को पेयजल व्यवस्था सुधारने के संबंध में कई निर्देश दिए थे। इस मामले में राज्य शासन की ओर से पैरवी शासकीय अभिभाषक विवेक खेड़कर द्वारा की गई।
पेयजल वितरण के लिए उपकरण व साधन खरीदें
हाईकोर्ट ने कहा कि पेयजल वितरण के लिए उपकरण और साधन खरीदे जाएं। इसके साथ ही नगर निगम से हाईकोर्ट ने सात अप्रैल को अगली सुनवाई पर एक रिपोर्ट पेश करने को कहा है जिसमें यह बताया जाए कि शहर में कितने ट्यूबवेल और हैण्डपम्प हैं। वर्तमान में उनकी क्या स्थिति हैं, बंद ट्यूबवेलों ओर हैण्डपम्पों को चालू करने के लिए क्या कार्रवाई की गई है या की जा रही है।
पानी की टेस्टिंग कराई जाए
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने नगर निगम को निर्देश भी दिए हैं कि वह मप्र प्रदूषण बोर्ड से पीने के पानी की टेस्टिंग कराए, पानी पीने योग्य है या नहीं। क्लोरोनाइजेशन पानी में हैं या नहीं। हाईकोर्ट ने नगर निगम से पानी की टेस्टिंग रिपोर्ट सात अप्रैल को सुनवाई के समय पेश करने को कहा है।
पक्षकार बनाया जाए
मप्र हाईकोर्ट कीग्वालियर खंडपीठ ने कहा है कि केन्द्रीय जल स्रोत विकास प्राधिकरण को भी इस याचिका में पार्टी बनाया जाए, जिससे वह भी ग्वालियर के लिए पेयजल व्यवस्था सुधार के बारे में बता सके।
स्वर्ण रेखा नाले पर नजर के लिए बनाई कमेटी
स्वर्ण रेखा नाले की सफाई एवं सौन्दर्यीकरण योजना के सुपरविजन के लिए हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी में अभिभाषक एचडी गुप्ता, मधुकर राव और असिस्टेन्ट सोलीसिटर जनरल विनोद शर्मा को शामिल किए जाने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने कमेटी को आदेश दिया है कि वह स्वर्ण रेखा नाले की सफाई संबंधी सारी कार्रवाई की सूचना कोर्ट में दें, उसमें यह बताएं कि प्रत्येक साल में स्वर्ण रेखा नाले की सफाई के लिए कितना काम हुआ है। यह कमेटी स्वर्ण रेखा नाले की सफाई पर खर्च की राशि और केन्द्र से आने वाली राशि संबंधी लेखा-जोखा भी देख सकेगी।
स्वर्ण रेखा नाले पर नजर के लिए बनाई कमेटी
स्वर्ण रेखा नाले की सफाई एवं सौन्दर्यीकरण योजना के सुपरविजन के लिए हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी में अभिभाषक एचडी गुप्ता, मधुकर राव और असिस्टेन्ट सोलीसिटर जनरल विनोद शर्मा को शामिल किए जाने के निर्देश दिए।
कोर्ट ने कमेटी को आदेश दिया है कि वह स्वर्ण रेखा नाले की सफाई संबंधी सारी कार्रवाई की सूचना कोर्ट में दें, उसमें यह बताएं कि प्रत्येक साल में स्वर्ण रेखा नाले की सफाई के लिए कितना काम हुआ है। यह कमेटी स्वर्ण रेखा नाले की सफाई पर खर्च की राशि और केन्द्र से आने वाली राशि संबंधी लेखा-जोखा भी देख सकेगी।