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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. प्रदेश कांग्रेस के नये सदर केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी की नई टीम में ग्वालियर-चंबल संभाग के कांग्रेसियों का खासा दबदबा दिखा है। पार्टी के भीतर सभी गुटों के संतुलन के साथ-साथ निष्ठाओं का ईनाम भी लोगों को मिला है तो कुछ ऐसे भी चेहरे नई टीम में सामने आये हैं, जिन्हें लम्बे समय के संघर्ष का प्रतिफल मिला है।
सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी पूर्व मंत्री महेन्द्र सिंह कालूखेडा को उपाध्यक्ष बनाया गया है तो पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजयसिंह के करीबी माने जाने वाले पूर्वमंत्री डा. गोविन्द सिंह को भी नई टीम में उपाध्यक्ष पद दिया गया है। यही नहीं भिण्ड जिले से ही पूर्व मंत्री चौधरी राकेश सिंह को कार्यकारिणी में स्थान देकर वजन दिया गया है। इससे पहले श्री पचौरी ने उन्हें पार्टी के प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी थी।
ग्वालियर में शहर जिला कांग्रेस के सदर रह चुके अशोक शर्मा को कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलेगी, इसके कयास श्री पचौरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के साथ ही लगाये जा रहे थे। इन कयासों के पीछे दोनों के बीच के पुराने रिश्ते हैं पर इसके साथ ही उन्हें सांसद सिंधिया के भी नजदीक माना जाता है। इसी के चलते उन्हें महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
ग्वालियर से पूर्व विधायक रामवरण गुर्जर को सचिव के रूप में स्थान देकर महत्व दिया गया है तो लोकसभा का उपचुनाव लड़ चुके अशोक सिंह को भी सचिव के रूप में पर्याप्त महत्व मिला है।
लंबे समय से संगठनात्मक जिम्मेदारी से अलग-थलग चल रहे वरिष्ठ नेता वासुदेव शर्मा को कार्यकारिणी में स्थान देकर उन्हें पुन: सक्रिय भूमिका में आने के लिए प्रेरित किया गया है। इसी तरह जीडीए के उपाध्यक्ष रहे महाराजसिंह पटेल, पूर्व सांसद रामसेवक सिंह गुर्जर , हरीओम शर्मा का भी जुड़ा है।
चंबल संभाग के मुरैना जिले से सिंधिया समर्थक सोवरनसिंह मावई को एक बार फिर प्रदेश कांग्रेस कमेटी में महत्व मिला है और उन्हें भी महासचिव बनाया गया है। मुरैना से पूर्व मंत्री एंदलसिंह कंसाना को जहां कार्यकारिणी में जगह दी गई है, वहीं दिनेश गुर्जर, भिण्ड के रमेश दुबे को भी सचिव बनाया गया है। श्योपुर से इब्राहीम कुरैशी और दतिया से राजेन्द्र भारतीय को भी संतुलन की राजनीति के चलते कार्यकारिणी में स्थान दिया गया है।