नई दिल्ली. युवाओं को आगे लाने और उनको इतनी तवज्जो देने का मतलब क्या यह है कि सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ के वनडे कैरियर को खत्म मान लिया जाए?
बीसीसीआई प्रमुख शरद पवार इस सवाल पर डांवाडोल दिखे और उन्होंने खुद को उन्होंने इस विवाद से दूर रखते हुए कहा कि वे चयन मामलों में दखलंदाजी नहीं करते लेकिन उन्होंने माना कि प्रदर्शन तो पैमाना रहा है।
पवार ने साफ किया कि ट्वेंटी 20 वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई टीम में इन सीनियर खिलाड़ियों ने युवाओं को रास्ता देने के लिए खुद को दूर रखा। पवार ने बताया कि सचिन ने मुझसे मुलाकात की थी और कहा था कि उनकी पीढ़ी को ट्वेंटी 20 टीम में न चुने जाने की सलाह मैं चयनकर्ताओं को दूं। सचिन ने कहा था कि इस फॉर्मेट के लिए उनकी पीढ़ी फिट नहीं है इसलिए युवाओं को मौका दिया जाना चाहिए।
जब पवार से पूछा गया कि गांगुली और द्रविड़ वनडे टीम में लौटेंगे या नहीं तो उनका जवाब था मैं नहीं कह सकता कि वनडे इन खिलाड़ियों के हाथ से छूट चुका है, मैं चयन मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करता हूं। यह पूरी तरह से चयनकर्ताओं का फैसला होता है। हालांकि पवार ने कहा कि यह ट्वेंटी 20 की तरह नहीं है जहां चयनकर्ता युवाओं को मौका देना चाहते थे।