भोपाल.
शहर की यातायात व्यवस्था में बाधक बन रही रोटरियों को छोटा करने का काम शुरू तो हो गया है, लेकिन इसकी धीमी गति को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
शहर के यातायात में बाधक बन रही विशालकाय रोटरियों को हटाने का काम शुरू हो गया है। बावजूद इसके ऐसी रोटरियों की बड़ी संख्या होने और उन्हें हटाने के काम की धीमी गति से यह सवाल उठ रहा है कि इस महत्वपूर्ण काम को कब तक पूरा किया जा सकेगा?
फिलहाल पुराने शहर के पीरगेट क्षेत्र के यातायात को सुधारने के मद्देनजर उद्धवदास मेहता चौराहे की रोटरी को छोटा कर दिया गया है। साथ ही नगर निगम के पास शैतानसिंह मार्केट स्थित रोटरी को छोटा करने का प्रस्ताव आया है, जिसे मंजूरी दी जा चुकी है।
रोटरियों को हटाने के काम की प्रगति फिलहाल उक्त दो उदाहरणों तक ही सीमित है। हालांकि शहर के एक दर्जन से ज्यादा स्थानों पर स्थित रोटरियां अब भी बड़ी समस्या बनी हुई हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब दो क्षेत्रों की रोटरियों को छोटा किया जा सकता है तो यातायात को बाधित करने वाली अन्य रोटरियों के आकार परिवर्तन के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?
क्या है दिक्कत
शहर के प्रमुख चौराहों पर स्थापित यह विशालकाय रोटरियां यातायात को बाधित करती है, चौराहे की भौगोलिक संरचना और रोटरियों का आकार दिक्कत पैदा करता है। इनके एक मात्र समाधान इनके आकार को घटाना है।
चौराहों पर लगी प्रतिमाओं को किसी अन्य पर स्थानांतरित कर रोटरी का आकार गोलाकार से तिकोना कर देना चाहिए है। रोटरियां छोटी हो जाने से चौराहे के यातायात में सुधार होगा। आमने-सामने का यातायात एक दूसरे से न तो टकराएगा और न ही वाहनों को सिग्नल मिलने के बाद रोटरी से 90 डिग्री की दिशा में घूमकर जाना होगा।
-अरविंद सक्सेना, एएसपी ट्रैफिक
बड़ी रोटरियों वाले चौराहे
अप्सरा टाकीज, जीएडी, रोशनपुरा, व्यापमं, हबीबगंज थाना, बोर्ड आफिस, एमपी नगर, पिपलानी, ज्योति चौराहा, माता मंदिर, डिपो चौराहा, लिली टाकीज चौराहा, पालीटेक्निक चौराहा, रेतघाट चौराहा।
तकनीकी दिक्कत
शहर के अधिकतर चौराहों पर रोटरी के साथ ही ट्रैफिक सिग्नल लगे हुए हैं। रोटरी से निकलने वाले यातायात को 90 डिग्री का घुमाव लेकर चौराहा पार करना पड़ता है। जबकि सिग्नल का कार्य दोनों तरफ के यातायात का आमने-सामने न आने देना है। इसमें यातायात सिग्नल मिलने के बाद सीधे निकलता है। चौराहों पर रोटरी और सिग्नल साथ में होने से दोनों के कार्य एक दूसरे को प्रभावित करते हैं। जिससे यातायात अटकता है।