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त्योहारों की त्रिवेणी उल्लास और मिठास

जयपुर. शुक्रवार को अद्भुत संयोग रहा, जब तीन धमोर्ं के तीन बड़े पर्व होली, बारावफात व गुड फ्राइडे एक ही दिन मनाए गए। मुस्लिम समुदाय ने बारावफात पर पैगंबर मोहम्मद साहब का जन्म दिन मनाया। ईसाई समुदाय ने प्रभु यीशू के सात वचन याद किए।

बारावफात :

इस्लाम के अंतिम पैगंबर मोहम्मद साहब के यौम ए पैदाइश बारावफात पर आयोजित जलसों में मुस्लिम विद्वानों ने मोहम्मद साहब की जीवनी व उनके उपदेशों की जानकारी दी। घरों में पकवान बनाकर आखिरी नबी की आमद का जश्न मनाया गया। शुक्रवार दोपहर दारुलउलूम रज़विया की ओर से चार दरवाजा से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जो विभिन्न मार्र्गो से होते हुए मुस्लिम मुसाफिरखाने पहुंचा।

ईस्टर :

ईस्टर के मौके पर रविवार सुबह मिशन कंपाउंड से प्रभातफेरियां निकाली गईं। ईसाई समुदाय के लोगों ने एक दूसरे के घर जाकर यीशु के पुनर्जन्म की खुशियां बांटीं तथा एक दूसरे को बधाइयां दीं। सेंट एंड्रयूज चर्च के सचिव एडविन आई चरन ने बताया कि सुबह चर्च में प्रार्थना हुई तथा 6 बच्चों का नाम संस्कार किया गया। दोपहर में चर्च की बहनों की ओर से मेले का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न स्टालें लगाई गईं। शाम को चांदपोल चर्च प्रांगण में सामूहिक भोज का कार्यक्रम हुआ।

गुड फ्राइडे :

शुक्रवार को गुडफ्राइडे पर शहर के चर्चो में विशेष प्रार्थनाएं हुईं, जिसमें प्रभु यीशु के संदेश को जीवन में अपनाने पर प्रवचन हुए। ईसाई समाज यीशु मसीह को क्रूस पर चढ़ाए जाने के दिन को गुड फ्राइडे के रूप में मनाता है। इस मौके पर कलवरी बाइबिल चर्च, डीसीएम चर्च, चांदपोल, खातीपुरा और मानसरोवर स्थित चर्चो में बड़ी संख्या में ईसाई धर्मावलंबी मौजूद थे। चांदपोल के सेंट एंड्रयूज चर्च में शैलेश डेनिस लाल ने प्रवचन में प्रभु यीशु के वचनों को अपनाने की आवश्यकता बताई।





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