इंदौर. गवर्नमेंट आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज के सामने फूटी नर्मदा की मेन लाइन ५२ घंटे के लगातार प्रयासों के बाद शनिवार देर रात दुरुस्त कर ली गई। जलसंकट को देखते हुए रविवार को पूर्वी क्षेत्र की टंकियों में अतिरिक्त सप्लाई की गई। उधर, नगर निगम बीआरटीएस की ठेकेदार कंपनी को गैरजिम्मेदाराना रवैये के लिए तीस लाख रुपए हर्जाना देने का नोटिस थमाएगा।
गुरुवार शाम बीआरटीएस की खुदाई के दौरान १२क्क् एमएम की मुख्य लाइन के दस पाइप धंस गए थे। नर्मदा परियोजना स्टाफ के साथ ५क् मजदूरों और कई मशीनों की मदद से सुधार कार्य शुरू किया गया जो शनिवार रात १क्.३क् बजे पूरा हुआ। ११.४५ बजे तक लाइन टेस्टिंग की गई, १२ बजे प्रेशर बना। उसके बाद बारी न होने के बाद भी सुबह ६.३क् बजे तक भागीरथपुरा और कॉटन अड्डा छोड़ पूर्वी क्षेत्र की 11 टंकियां ढाई से तीन मीटर भरी गईं।
जलकार्य समिति प्रभारी देवकृष्ण सांखला ने बताया ठेकेदार कंपनी की लापरवाही से लोगों को बेहिसाब परेशानी हुई और निगम को भी आर्थिक नुकसान हुआ। उसकी भरपाई के लिए नोटिस देंगे।
सूखी रही होली
लाइन फूटने के कारण गुरुवार शाम से ही पूर्वी क्षेत्र की सप्लाई ठप थी। अफसरों ने शनिवार दोपहर तक सप्लाई सामान्य होने की संभावना जताई थी लेकिन लाइन नहीं सुधर पाई। ऐसे में पीडब्ल्यूडी, यशवंत क्लब और आंबेडकरनगर टंकियों से शाम की सप्लाई भी नहीं हो पाई। पानी की चिंता में कई परिवार यह सोचकर घरों से नहीं निकले कि किसी ने रंग दिया तो नहाने का पानी कैसे जुटाएंगे।
तीन दिन और लगेंगे
नर्मदा परियोजना अधिकारियों के मुताबिक सप्लाई शुरू होने के बाद भी बिगड़ा शेड्यूल व्यवस्थित करने में तीन दिन और लगेंगे।
पूर्वी क्षेत्र में संकट, पश्चिम में बहा पानी
लाइन फूटने से पूर्वी क्षेत्र में नहीं पहुंच पाया पानी भी पश्चिम क्षेत्र को मिलता रहा। स्थितियां कुछ ऐसी बनीं कि पूर्वी क्षेत्र में लोग बाल्टीभर पानी से महरूम रहे जबकि पश्चिम में नलों को लोगों का इंतजार रहा। लाइन फूटने से जलूद से चला पानी बीजलपुर के पास से पश्चिम शहर में तो पहुंच गया लेकिन पूर्व के लिए भंवरकुआं टंकी से आगे नहीं बढ़ पाया।
शनिवार को पूर्वी क्षेत्र की बारी थी लेकिन सप्लाई नहीं हो पाई। उधर, मध्यक्षेत्र में मांग को देखते सुभाष चौक और राजमोहल्ला टंकी दिनभर भरती रहीं। परियोजना अधिकारियों के अनुसार गुरुवार को लाइन फूटी तब पूर्वी क्षेत्र की बारी थी और शुक्रवार को पश्चिम क्षेत्र की। उस दिन नर्मदा से आया लगभग सारा पानी उसी क्षेत्र में भेज दिया गया। ऐसा ही शनिवार को भी हुआ। इसी कारण पश्चिम की टंकियों से संबद्ध कई क्षेत्रों में लगातार नल आते रहे। उधर, शनिवार रात जैसे ही लाइन सुधरी पश्चिम क्षेत्र की बारी होने के बाद भी प्राथमिकता पूर्वी क्षेत्र को दी गई।
देवास ने मांगा पांच लाख गैलन और पानी
शहर में टैंकर दौड़ने लगे हैं और देवास भी पांच लाख गैलन पानी ज्यादा मांगने लगा है। नर्मदा परियोजना के अधिकारी बताते हैं इंदौर की मांग को देखते हुए सप्लाई बढ़ाना संभव नहीं। ऐसा करना पड़ा तो इंदौर में एक लाख लोगों को परेशानी होगी।
देवास को सप्लाई बढ़ाने के लिए वहां के कलेक्टर और निगमायुक्त के फोन आने लगे हैं। इसका विरोध करने वालों का कहना है ढाई गुना ज्यादा जलकर देने वाले शहरवासियों को प्यासा रखकर देवास को पानी देना उचित नहीं। इंदौर में ही बीस हजार नलों में बालटीभर जलकर देने के बाद भी बूंदभर पानी नहीं आता।
देवास को दिया तो इंदौर में लगेंगे 40 टैंकर ज्यादा
अधिकारियों के अनुसार पांच लाख गैलन पानी एक लाख लोगों को मुहैया कराया जाता है। देवास को इतना ज्यादा पानी दिया तो इंदौर के एक लाख लोगों की प्यास बुझाने के लिए 40 टैंकर ज्यादा लगेंगे जो हर दिन चार फेरे लगाएंगे।
कभी कम, कभी ज्यादा
देवास नगर निगम की मांग पर फरवरी के तीसरे सप्ताह में सात महीने से बंद पड़ी सप्लाई शुरू की गई। बात ८-१क् लाख गैलन पानी देने की थी। पूर्वी क्षेत्र की सप्लाई के दिन प्रेशर ज्यादा रहता है और देवास तक १क् लाख गैलन पानी पहुंच जाता है जबकि पश्चिम क्षेत्र से सप्लाई के दौरान ४ से ६ लाख गैलन।
पानी होगा तो देंगे
हमारे पास पानी होगा तभी सप्लाई करेंगे। देवास की पूर्ति तीसरे चरण से पहले संभव नहीं। मांग संबंधी सूचना मिली तो चर्चा करेंगे।
-देवकृष्ण सांखला, प्रभारी जलकार्य
दो बाल्टी पानी के लिए मारपीट
किल्लत के बीच स्कीम-78 में दो बाल्टी पानी को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। एक पक्ष घायल हुआ और दूसरे के खिलाफ पुलिस प्रकरण दर्ज किया गया। विवाद शनिवार शाम स्कीम-७८ में अमर खूबचंद और अजय रामस्वरूप चतुर्वेदी के बीच हुआ था। मौके पर पहुंचे अजय के मित्रों ने भी अमर को पीटा। लसूड़िया पुलिस ने उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है।