इंदौर.
शहर से 80 किलोमीटर दूर ओंकारेश्वर तीर्थ पर कुछ दिनों बाद ओंकार पर्वत की परिक्रमा करते हुए गीता के श्लोक अर्थ सहित पढ़े जा सकेंगे।
यहां ओंकार पर्वत के चारों तरफ बने ६ किलोमीटर के परिक्रमा मार्ग पर गीता के करीब 700 श्लोक पत्थरों पर उकेरे जा रहे हैं। परिक्रमा मार्ग का नाम ‘गीता पथ’ किया जा रहा है। यह काम म.प्र. पर्यटन विकास निगम ने शुरू कराया है। यहां पत्थरों पर गीता के श्लोक संस्कृत में लिखे होंगे और नीचे हिंदी में अनुवाद भी होगा। इस तरह लोग पूरी परिक्रमा के दौरान गीता के ७00 श्लोक अर्थ सहित पढ़ सकेंगे। परिक्रमा के दौरान विश्राम के लिए डे शेल्टर बनाने का काम भी चल रहा है। परिक्रमा मार्ग को व्यवस्थित करने से लेकर पत्थर लगाने तक प्रोजेक्ट की लागत करीब एक करोड़ रुपए है।
दो साल पहले बनी थी योजना :
ओंकारेश्वर में दो साल पहले योजना बनी थी लेकिन सभी कामों की स्वीकृति नहीं मिल नहीं सकी थी इसलिए काम शुरू नहीं हो सका था। श्री त्रिवेदी ने बताया एक साल पहले फिर से योजना बनाकर शासन को भेजी गई जिसकी मंजूरी मिल गई। खंडवा प्रशासन और कलेक्टर के साथ बैठक कर काम भी शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया यह धार्मिक आस्था का केंद्र है, विकास होने से निश्चित तौर पर यहां श्रद्धालु व पर्यटक बढ़ेंगे।
गधों पर लादकर भेजी जा रही है सामग्री
पत्थरों पर खुदवाकर गीता के श्लोक लिखने से लेकर पूरे ‘गीता पथ’ को व्यवस्थित करने का काम पर्यटन विकास निगम कर रहा है। विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर संजय त्रिवेदी ने बताया काम शुरू हो चुका है। वर्तमान में परिक्रमा मार्ग कच्च है जिसे पक्का किया जा रहा है। पहाड़ी पर कोई वाहन नहीं जा सकता इसलिए निर्माण सामग्री गधों पर लादकर पहुंचाई जा रही है। परिक्रमा मार्ग करीब तीन माह में पूरा हो जाएगा।