अजमेर.
दरगाह जियारत के लिए आईं मशहूर टीवी सीरियल निर्माता एकता कपूर रविवार को प्रशंसकों की भीड़ से बचने के लिए ऑटो रिक्शा से दरगाह पहुंचीं। उन्होंने ख्वाजा गरीब नवाज की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश कर नए धारावाहिकों की कामयाबी की मन्नत मांगी। उनके साथ दो सहेलियां भी थीं।
कहानी घर-घर की जैसे टीवी धारावाहिक बनाने वाली एकता कपूर देहली गेट से ऑटो कर अंदरकोट स्थित त्रिपोलिया गेट पहुंचीं। वहां से पैदल ही झालरा के पीछे वाली गली से होते हुए छतरीगेट से दरगाह में दाखिल हरुई। उन्होंने यहां से मखमल की चादर और फूलों की टोकरी सिर पर रखी और आस्ताना-ए-आलिया पहुंच कर मजार शरीफ पर अकीदत का नजराना पेश किया। उन्हें खादिम सैयद इमरान चिश्ती ने जियारत कराई, चुनरी ओढ़ाई और तबरुक भेंट किया। बाद में वे अंजुमन ऑफिस पहुंचीं और लंगर के लिए नजराना पेश किया। कपूर और उसकी सहेलियों ने जन्नती दरवाजे के बाहर मन्नत का धागा भी बांधा।
खरीदारी की :
जियारत के बाद एकता कपूर ने परिसर में स्थित दुकानों से तस्बीह और डोरे खरीदे। उनकी सहेलियों ने भी खरीददारी में दिलचस्पी दिखाई।
भीड़ नहीं रही :
एकता कपूर को इक्का-दुक्का जायरीन ही पहचान सके। वे कुछ देर परिसर में रहीं, लेकिन कोई खास भीड़ नजर नहीं आई। बाब-ए-रहमत के बाहर भी गिने-चुने प्रशंसक ही नजर आए। एकता कपूर और उनकी सहेलियां वापस छतरी गेट और झालरा के पीछे होते हुए त्रिपोलिया गेट से बाहर निकलीं और ऑटो पर देहली गेट के लिए रवाना हो गईं।
सरोवर पूजा
एकता ने पुष्कर सरोवर की पूजा अर्चना भी की। वे सुबह सखियों के साथ पुष्कर पहुंचीं। उन्हें ब्रrा घाट पर पुरोहित संजय पाराशर ने पूजा कराई। एकता को देखने के लिए उनके प्रशंसक खास तौर पर महिला यात्रियों का हुजूम उमड़ गया। महिलाओं ने उनसे ऑटोग्राफ लिए। एकता ने ऑटोग्राफ दे कर सभी को खुश किया। लेकिन उन्होंने किसी से कोई बात नहीं की।