बीकानेर. समय सात दिन और काम महीनों का। जी हां, उपनिवेशन तहसील कोलायत नंबर एक,दो व तीन की यही कहानी है। सरकार ने विभाग को कोलायत की तीनों तहसीलों का विलय 31 मार्च तक करने के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक रिकार्ड राइटिंग सहित अनेकों कार्य अधूरे हैं।
भूमि आबंटन की खातेदारी, गैर खातेदारों को खातेदारी, अनकमांड से कमांड, दोहरे आबंटन, नहर,सड़क व वन विभाग से जुड़े मामले तथा नहरों का सर्वे सहित कई कार्य भी अधूरे हैं। हालांकि कोलायत दो व तीन का कार्य तो गति पकड़ चुका है लेकिन एक नंबर तहसील का कार्य अधिक शेष है। यहां स्टाफ की भी कमी बताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक उपनिवेशन आयुक्त ने कार्य की धीमी गति से कई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। चूंकि कोलायत की तीनों तहसीलों को पहले ही एक बार विलय की समय सीमा में छूट मिल चुकी है और सरकार अब दुबारा छूट देने के मूड में नहीं है। सारे कार्य होने के बाद ही रिकार्ड राइटिंग का कार्य पूरा होगा। इतना सारा काम कैसे होगा, इस बारे में उच्चधिकारी भी सोचने को मजबूर हैं।
सूत्र तो यहां तक कहते हैं कि सरकार ने तीनों तहसीलों का बजट सिर्फ जून तक का जारी किया है। यानी यह तय है कि जून के बाद तहसीलों को राजस्व में विलय करने का मौका नहीं दिया जाएगा। जानकारी के मुताबिक विभाग सरकार के सामने विलय की समय सीमा में संशोधन कराने की तैयारी कर रहा है। विलय के लिए सिर्फ सात दिन शेष हैं इसलिए समय सीमा बढ़ाने पर कार्रवाई शुरू हो गई है।
विभाग ने पहले तीनों तहसीलों के विलय का समय 31 दिसंबर 2008 तक का मांगा था लेकिन सरकार ने सिर्फ मार्च तक का समय दिया था। समय-समय पर इसकी समीक्षा भी जयपुर में बैठे अधिकारी कर रहे हैं। विभाग केअतिरिक्त आयुक्त पी.आर.पंडित का कहना है कि समय सीमा बढ़ाने के लिए सरकार के सामने तथ्य रखेंगे। उन्होंने कहा कि विलय की कार्रवाई तेज गति से हो रही है लेकिन कुछ समय आगे और बढ़ाया जा सकता है।