HomeNewsRajasthanBikaner Bikaner

मन पर बोझ है, किस मुंह से आऊं

बीकानेर. flimधर्मेन्द्र राजनीति में रहेंगे या नहीं अभी तक तय नहीं है लेकिन फिल्में लगातार करते रहेंगे। फिलहाल अपने होम-प्रोडक्शन विजेयता फिल्म्स से बनने वाली ‘मास्टर्स’ को लेकर उत्साहित हैं जिसमें सन्नी और बॉबी भी हैं।

स्टार सांसद धर्मेन्द्र ने कहा है कि उन्होंने अपने लोकसभा क्षेत्र में इसलिए आना कम किया है कि उन्हें इस बात का मलाल है कि कोई भी विकास कार्य अपनी निश्चित अवधि में पूरा नहीं हो रहा है। शुक्रवार को अचानक बीकानेर पहुंचे धर्मेन्द्र ने ‘भास्कर’ के साथ विशेष बातचीत में यह कहा। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी कहता है कि काम समय पर पूरा हो जाएगा लेकिन पता चलता है कि समय पर काम पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि मैं अपने लोगों के बीच जाना चाहता हूं, रहना चाहता हूं लेकिन किस मुंह से जाऊं। मन पर एक तरह का बोझ है कि जनता अगर पूछेगी तो क्या कहूंगा जबकि उनका काम ही नहीं करवा सका। उन्होंने कहा कि अभी भी विकास के कार्य घिसट-घिसट कर चल रहे हैं जो मुझे पसंद नहीं है।

उन्होंने कहा कि बीकानेर के विकास के लिए मैं लगातार काम कर रहा हूं लेकिन कुछ हो जाए तो आऊं। ऐसा लगता है पांच साल काकार्यकाल पचास साल लंबा हो गया हो, यहां काम की प्रक्रिया काफी धीमी है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अधिकारी हों या नेता, उनसे जो भी मिलता है किसी भी काम केलिए कोई ना नहीं कहता लेकिन काम भी नहीं होता। सहयोग क्यूं नहीं करते इस सवाल को उन्होंने कहा कि भगवान जाने लेकिन मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि दिल की धड़कन नहीं जानती कि उसके धड़कने के लिए कौनसी रग का खून काम आ रहा है। उन्होंने माना कि लालू यादव से नई रेल के लिए मिले थे लेकिन बात आगे नहीं बढ़ पाई। प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह से सीमा क्षेत्र के किसानों की समस्या को लेकर मुलाकात हुई है। बीकानेर में दूरदर्शन केंद्र की स्वीकृति के लिए भी बात की है।

उन्होंने कहा कि दूसरे नेता उन्हें भाजपा का मानते होंगे लेकिन भाजपा वाले भी यह जानते हैं कि मैं पहले हिंदुस्तानी हूं और इसमें मैं गर्व महसूस करता हूं। मैंने तो मनमोहनसिंह को भी कहा था कि आप भी देश का भला करने की बात करते हैं और भाजपा वाले भी यही कहते हैं तो दोनों साथ-साथ काम क्यों नहीं करते।

वसुंधरा सरकार को दस में से सौ नंबर

राज्य सरकार की ओर से चौखूंटी रेल फाटक पर फ्लाईओवर बनाने के प्रोजेक्ट को ड्रॉप करने के सवाल पर खिन्नता जताते हुए धर्मेन्द्र ने कहा कि आखिर ऐसा क्यूं किया जा रहा है। मैं पता करवाऊंगा। भाजपा के लोगों के रवैये और सरकार के कामकाज से वे कई बार आहत नजर आए लेकिन उन्होंने कहा कि वे सत्ता के लिए नहीं सेवा के लिए आए हैं। उन्हें जब पूछा गया कि वसुंधराराजे सरकार के कामकाज के लिए दस में से कितने नंबर देंगे

तो उन्होंने कहा मैं वसुंधरा सरकार के कामकाज को दस में से सौ नंबर दूंगा। राजनीति में दुबारा आजमाइश की बात पर उन्होंने कहा कि अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता। राइट मूवमेंट पर आत्मा जो कहेगी वही फैसला होगा। शायराना अंदाज में धर्मेन्द्र ने कहा कि ‘जहां रूह सहमत नहीं वहां मालिक की रहमत नहीं।’ उन्होंने कहा कि मैं पूरे देश का हितैषी हूं और बांटने में बिल्कुल भी विश्वास नहीं करता हूं।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: