भोपाल/ रायपुर.
बंगाल की खाड़ी में बने प्रति चक्रवात का असर दक्षिण भारत के अलावा मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ पर भी पड़ा है। दोनों राज्यों के कई हिस्सों में बेमौसम की बारिश से गेहूं व अन्य फसलों को नुकसान हुआ है।
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है। भारी बारिश के कारण केरल में अब तक 13 और आंध्रप्रदेश में छह लोगों की मौत हुई है। उधर सिक्किम में नाथू ला र्दे पर भारी बर्फबारी के कारण फंसे 102 पर्यटकों को सेना के जवानों ने बचा लिया है।
प्रदेश के कई हिस्सों में शनिवार और रविवार को हुई असमय बारिश के कारण प्रदेश की खेती पर आशंका के बादल मंडराने लगे हैं। बरसात ने गेहूं की फसल पर सबसे ज्यादा असर डाला है और कहीं-कहीं इसके दाने की चमक फीकी पड़ने लगी है। शनिवार को बरसात से हुए हादसों में प्रदेश में चार लोगों की मौत हो गई। अलबत्ता, मौसम के इस मिजाज ने गरमी से परेशान लोगों को राहत प्रदान की है। मौसम विभाग ने भोपाल सहित होशंगाबाद, सागर, जबलपुर और रीवा संभागों में और बारिश होने और ओले गिरने का अनुमान जताया है।
राजधानी सहित प्रदेश के कुछ हिस्सों में इस बार बादलों ने भी जमकर होली खेली। मौसम केंद्र में तो हालांकि बारिश का कोई आंकड़ा दर्ज नहीं हो सका पर भोपाल के कई क्षेत्रों में करीब एक घंटे तक तेज पानी गिरा। शनिवार को दोपहर के बाद अचानक मौसम ने करवट बदली और सूरज की जगह बादलों ने ले ली। थोड़ी देर में देखते ही देखते तेज पानी गिरने लगा। बारिश होने से फिजा में ठंडक घुल गई।
भोपाल में रविवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 21.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार शाम से ही ठंडी हवाएं चलती रही और रात में बारिश दर्ज की गई। अचानक मौसम बिगड़ने के कारण रविवार को छुट्टी होने के बावजूद लोगों को घर जाने की जल्दी थी। गुना में ओले
गुना. जिले के आरोन ब्लाक में रविवार शाम को अचानक तेज बारिश के साथ ओले गिरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। दोपहर बाद आसमान को बादलों ने घेरा और शाम करीब 5.40 बजे ओलों के साथ बारिश शुरू हो गई। ब्लाक के ज्यादातर इलाकों में 15 से 20 मिनट तक ओले गिरे जबकि बारिश करीब 45 मिनट तक हुई। आरोन ब्लाक के किसानों ने बताया कि बारिश और ओलों से गेहूं की फसल को काफी नुकसान हुआ है। इन दिनों गेहूं की फसल सूखी हुई खेतों में खड़ी है या कटी हुई पड़ी है, इसलिए नुकसान ज्यादा हुआ है।
प्रदेश में बरसात :
मौसम केंद्र के अनुसार बीते २४ घंटों में राज्य के रीवा, जबलपुर, सागर, होशंगाबाद और भोपाल संभाग में कहीं-कहीं हवाओं के साथ बारिश हुई। इस दौरान मलाजखंड और नर¨सहपुर में काफी बारिश हुई।
फसल पर कहर :
इस बेमौसम बरसात से फसल पर बुरा असर होने की आशंका है। खेतों में इस समय रबी की फसल या तो कट चुकी है या कटने की तैयारी में है। दोनो ही स्थिति में पानी के असर से फसल पर बुरा असर हो सकता है। राजधानी के कोलार और रातीबड़ क्षेत्र के किसानों का कहना है पानी के चलते गेहूं पर खासतौर से बुरा असर होगा।
कोलार के किसान दशरथ मीना ने बताया कि बरसात से गेहूं का रंग खराब हुआ है, जिससे इसकी बिक्री पर असर होना तय है। हमारे होशंगाबाद संवाददाता के अनुसार जिले में हुई बारिश ने गेहूं की करीब 10 फसल चौपट कर दी है। कलेक्टर जीपी तिवारी ने राजस्व व कृषि विभाग के मैदानी अमले को नुकसान का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। गुना जिले के आरोन ब्लाक में रविवार शाम को अचानक तेज बारिश के साथ ओले गिरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
क्यों आई बरसात
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि मार्च ठंड और ग्रीष्म ऋतु का संधिकाल होता है। इस महीने में कभी-कभार पानी बरस जाता है। भोपाल स्थित मौसम केंद्र के निदेशक डा. डीपी दुबे ने बताया कि पश्चिमी मप्र में ऊपरी हवा में चक्रवात बना होने की वजह से विभिन्न हिस्सों में बारिश हुई। अगले दो दिन तक पश्चिमी मप्र में ओले और बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। उन्होंने बताया कि पहले भी मार्च में पानी बरस चुका है। इस महीने में सबसे ज्यादा बारिश 108.8 मिमी 2006 में हुई थी, इसी वर्ष 10 मार्च को 44.7 मिमी बारिश रिकार्ड की गई थी। मार्च में औसत बारिश 9.8 मिमी होती है। कभी-कभार तेज हवा के साथ पानी और ओले भी गिरते हैं।
इस समय पानी गिरना किसी भी स्थिति में फसलों के लिए फायदेमंद नही है, इससे हानि ही होगी। किसान को चाहिए कि वह जल्दी से अपनी फसलों की कटाई शुरू कर दें। हालांकि शनिवार को इतना पानी नहीं गिरा जिससे किसान को नुकसान हो पर ठंड के कारण उत्पादन पर असर तो पड़ ही चुका है। जीएस कौशल, कृषि विशेषज्ञ
तप रहा है बाड़मेर
राजस्थान का पश्चिमी हिस्सा फिलहाल तेज गर्मी की चपेट में है। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री दर्ज किया गया है। हालांकि उदयपुर और कोटा में तेज हवाओं के साथ बारिश होने से लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है।