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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. तमिलनाडु के शिक्षा प्रोजेक्ट पर होमवर्क के लिए प्रदेश के 15 जिलों के 150 शिक्षक भोपाल से एक साथ 24 मार्च को रवाना होंगे। अंचल से मुरैना व ग्वालियर जिलों के 20 शिक्षक भोपाल पहुंच गए हैं। प्राइमरी व मिडिल के शिक्षकों के लिए मई व जून माह में पांच-पांच दिन का प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।
जिला शिक्षा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार तामिलनाडु प्रोजेक्ट अर्थात एक्टिविटी बेस्ड लर्निग के लिए 15 जिलों से ऐसे पांच-पांच स्कूल छांटे गए हैं जो इसी वर्ष प्राइमरी से मिडिल स्कूल में उन्नयन किए गए हैं। इन स्कूलों से दो-दो शिक्षकों को तमिलनाडु भ्रमण पर भेजा जा रहा है। सभी शिक्षक 24 मार्च की सुबह भोपाल से तमिलनाडु के लिए रवाना होंगे।
इस मामले में जिला परियोजना समन्वयक सुभाष शर्मा ने बताया कि हर ब्लाक से प्रशिक्षण में रुचि लेने वाले व कम उम्र के दो-दो शिक्षकों को भोपाल भेजा गया है। यह सभी प्रशिक्षण प्राप्त कर 30 मार्च को वापस ग्वालियर आएंगे। डीपीसी ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार, तमिलनाडु की तरह ही प्राइमरी स्कूलों में कक्षा एक से पांच तक एक कक्षा बनाने पर विचार कर रही है। शिक्षकों के भ्रमण से वापस आने के बाद इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
भवन संधारण के लिए मिली राशि
जिला शिक्षा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार जिले के 1 हजार 381 प्राइमरी व 535 मिडिल स्कूलों को भवन संधारण के लिए लगभग पांच लाख रुपए की राशि आवंटित कर दी गई है। तीन कमरों में संचालित स्कूल को चार हजार रुपए तथा तीन से अधिक कमरों में संचालित स्कूलों को 7 हजार 500 रुपए दिए गए हैं। इस राशि से स्कूल भवन की साफ-सफाई, संधारण व अन्य काम हो सकेंगे।
टेस्ट में फेल, एक हजार की चपत
डाइट स्टाफ द्वारा किए जा रहे स्कूलों के निरीक्षण में मिले फीडबैक के आधार पर मई व जून माह में पांच-पांच दिन का प्रशिक्षण शिक्षकों को दिया जाएगा। प्रशिक्षण का विषय अभी तय नहीं है। प्राइमरी व मिडिल स्कूल के शिक्षकों के लिए आयोजित इस प्रशिक्षण के बाद सभी शिक्षकों का टेस्ट होगा। इस टेस्ट में अनुत्तीर्ण होने वाले शिक्षकों को कुल दस दिन का (टेस्ट अवधि) टीए व डीए (लगभग एक हजार रुपए) का भुगतान नहीं होगा। इस स्थिति में शिक्षक को खर्च राशि स्वयं वहन करनी होगी।
स्कूलों की नहीं सुधरी स्थिति
निरीक्षण के लिए राज्य शिक्षा केंद्र से सौंपी गई 30 स्कूलों की सूची में 29 स्कूलों का निरीक्षण हो चुका है। जिला शिक्षा केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार निरीक्षण के समय एक ईजीएस केंद्र व एक प्राइमरी स्कूल बंद मिला। एक शिक्षक बिना सूचना के अनुपस्थित पाया गया। छात्र संख्या की स्थिति में कोई सुधार नहीं मिला। बताया जाता है कि लगभग सभी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति 50 फीसदी मिली है। ठीक ऐसी ही स्थिति शैक्षणिक स्तर की मिली है।