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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर.
रायपुर समेत राज्य के कई इलाकों में रविवार सुबह से रिमझिम बारिश से जनजीवन ठहर सा गया। देर शाम तक बूंदाबांदी के हालात बने रहे। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बेमौसम बारिश से चना, गेहूं और अलसी की 25 से 30 फीसदी फसल प्रभावित हो सकती है।
मौसम में बदलाव शनिवार शाम से आया। आसमान पर रात तक काले घने बादल नजर आने लगे। हल्की बूंदाबांदी भी हुई। उसके बाद सुबह बादल फिर पिघलने लगे। फिर सिलसिला जारी रहा। रुक-रुककर रिमझिम फुहारें पड़ती रहीं।
शाम तक ऐसे ही हालात रहे। मौसम विभाग ने रायपुर में 15.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की। बादल छाने से हवा में नमी का मात्रा 71 से बढ़कर 95 प्रतिशत पहुंच गई थी। दिन का तापमान सामान्य से 10 कम 25.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। रात में तापमान 22.2 डिग्री रहा। राज्य के दूसरे शहरों में भी दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। दिनभर लोग घरों में दुबके रहे।
एक साथ तीन प्रभाव : लालपुर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक एमएल साहू ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में प्रतिचक्रवात बना हुआ है। इसके असर से राज्य में बहुत अधिक नमी आ रही है। इधर, पश्चिमी मध्यप्रदेश के ऊपर एक चक्रवात बना हुआ है। इसका असर जबलपुर के अलावा बिलासपुर संभाग में पड़ा।
इनके अलावा पूर्वी मध्यप्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इन तीनों के प्रभाव से राज्य के सभी संभागों में बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान राज्यभर में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। 1-2 दिन तक आसमान में मध्यम बादल छाए रहने की आशंका है।
गेहूं, चने पर असर : हमारे जिला प्रतिनिधियों से मिली जानकारी के अनुसार बारिश का व्यापक असर रहा। दुर्ग जिले में चने की फसल कटाई के दौर में है। कई किसानों ने फसल काटकर खेत या फिर खलिहान में रखा है। खासकर चने के दाने गीले हो गए हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार धूप नहीं मिली तो दाने काले पड़ जाएंगे। इसी तरह भीगे गेहूं में फफूंद लगने की आशंका है।
अलसी थोड़ा भी पानी बर्दाश्त नहीं कर पाती, इसलिए सबसे ज्यादा नुकसान उसी को हो सकता है। रायपुर जिले में बलौदाबाजार, लवन, कसडोल और दुर्ग के बालोद, गुंडरदेही, धमधा, साजा, बेमेतरा, नवागढ़ समेत धमतरी, महासमुंद, राजनांदगांव में बारिश की सूचना है। कृषि विभाग के अनुसार ग्रीष्मकालीन धान के लिए यह बारिश फायदेमंद है।
उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है सब्जियों की फसल कम थी। बारिश से टमाटर, गोभी, बैगन समेत दूसरी फसलों को नुकसान होगा। हमारे स्थानीय प्रतिनिधियों के अनुसार महानदी में लगी तरबूज और खरबूज की फसल पर भी प्रभाव पड़ा है।
दूसरी बार नुकसान : फरवरी में बारिश ने 20 से 25 प्रतिशत फसलों को नुकसान पहुंचाया था। उस समय उन्हारी फसलें फल-फूल अवस्था में थी। बारिश के बाद धूप निकलने से फूल खराब हो गए। मौसम खुलने के बाद कीट-व्याधि का प्रकोप सामने आया। किसानों को कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करना पड़ा। अब फसल पकने के बाद फिर बारिश ने किसानों को नुकसान पहुंचाया है।
कहां कितनी बारिश
बिलासपुर 64.6
जांजगीर 27.0
रायगढ़ 27.6
रायपुर 15.5
राजनांदगांव 12.8
माना 10.8
जगदलपुर 5.2
अंबिकापुर 2.8
(आंकड़े- मिलीमीटर में)
कितनी फसल
गेहूं 15.6
चना 29.8
अलसी 10.9
सरसों 15.0
(आंकड़े- लाख हेक्टेयर में)
>> बारिश से चने और गेहूं के दानों की क्वालिटी खराब होने की आशंका है। चूंकि हर क्षेत्र में फसलें अलग-अलग स्टेज में हैं, इसलिए सभी जगह नुकसान नहीं हुआ। सभी जिलों से रिपोर्ट मंगाई जा रही है।
प्रताप राव कृदत्त, संचालक कृषि