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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. मगरपारा निवासी एक मोटर मैकेनिक की लाश संदिग्ध हालत में शैलेन्द्र अपार्टमेंट में मिली। मैकेनिक की लाश मिलने के बाद पुलिस ने उसे लावारिस बताकर सिम्स की मरचुरी पहुंचा दिया। बाद में परिजनों ने हत्या का अपराध दर्ज करने की मांग को लेकर थाने का घेराव कर दिया। अंत में पुलिस ने उनसे लिखित शिकायत ली और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने तीन लोगों के खिलाफ हत्या की नामजद शिकायत की है।
परिजनों के मुताबिक सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मगरपारा, मरीमाई रोड निवासी 25 वर्षीय लक्ष्मण पिता भागीरथी बंजारे कार मैकेनिक था। वह जरहाभाठा मंदिर चौक के पास स्थित अकबर खान के गैरेज में काम करता था। पिछले कुछ समय से उसका संबंध मरीमाई मंदिर के पास ही रहने वाली रानी उर्फ रन्ना से बन गया था। वह अक्सर शैलेन्द्र अपार्टमेंट में रहने वाली सुनीता बांधी उर्फ सुन्नी के घर में उससे मिलता था।
21 मार्च की रात को वह घर वालों से सुनीता के घर जाने की बात कहकर निकला। रानी भी उसके घर गई। अगले दिन सुबह 5 बजे वह घर वापस लौटा। घर आकर वह सो गया। 22 मार्च को सुबह 11 बजे वह फिर से घर वालों को सुनीता के घर जाने की बात कहकर निकला।
दोपहर 3 बजे सुनीता उसके घर आई और परिजन को बताया कि लक्ष्मण उसके घर की सीढ़ी से गिरकर घायल हो गया है। जब परिजन उसके घर की ओर जाने लगे तो उसने कहा कि कुछ लोग उसे अस्पताल ले गए हैं। कहां ले गए हैं, इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं।
शाम 5 बजे सुनीता एक बार फिर लक्ष्मण के घर आई और कहा कि उसकी मौत हो गई है। उसका शव सिम्स की मरचुरी में रखा है। परिजन तुरंत वहां पहुंचे। लक्ष्मण के सिर के पिछले हिस्से में गहरा जख्म था। उसका सिर लगभग 4 इंच फट गया था।
साथ ही गले में भी निशान बने हुए थे। यह देखकर परिजनों को विश्वास हो गया कि उसकी हत्या की गई है। वे तुरंत सिविल लाइन थाने पहुंचे और पुलिस से मामले में हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने के लिए कहा। पुलिस ने इसे मामूली हादसा बताते हुए उन्हें लौटा दिया। इससे लोग नाराज हो गए।
शनिवार शाम लगभग 7 बजे लोगों ने सिविल लाइन थाने का घेराव कर दिया। लगभग एक घंटे तक जब थाना घिरा रहा, तब जाकर पुलिस उनकी बात सुनने के लिए तैयार हुई। पुलिस ने उनसे लिखित शिकायत लेकर रोजनामचे में दर्ज कर लिया। लोगों ने एक महिला समेत तीन व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत की है। पुलिस ने शिकायत लेकर मामले को जांच में ले लिया है।
डाक्टरों की तलाश में परेशान रहे लोग: सिम्स में पोस्टमार्टम के लिए किसी डाक्टर की स्थायी रूप से व्यवस्था नहीं की गई है। इस वजह से यहां पीएम के लिए आने वाले मृतक के परिजनों को हलाकान होना पड़ता है।
साथ ही मेमो लेकर घूम रहे चौकी के पुलिसकर्मी भी परेशान होते हैं। रविवार की सुबह लगभग 6 शवों का पोस्टमार्टम करना था। मरचुरी में किसी डाक्टर की डच्यूटी न लगी होने से पहले तो पुलिसकर्मी काफी देर तक डाक्टर तलाश करते रहे। बाद में डाक्टर के पहुंचने के बाद पीएम शुरू हुआ।
पीएम रिपोर्ट से होगा खुलासा
मामले में सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। प्रथम दृष्टया इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की जांच की जाएगी।
बदबू से हलाकान रहे लोग
मरचुरी में कुछ दिनों पहले पहुंची ट्रेन से कटी लावारिस लाश के सड़ने की वजह से वहां तीखी दुर्गंध फैल गई है। इस वजह से पोस्टमार्टम के लिए वहां आए मृतकों के परिजनों को काफी परेशान होना पड़ा। लोग नाक में हाथ रखे या रूमाल बांधे घूम रहे थे। मरचुरी के पीछे डाक्टरों की कालोनी भी है। वहां भी दुर्गंध फैल गई है। इससे बीमारी फैलने का भी अंदेशा है।