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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. ट्राइडेंट भूमि अधिग्रहण मामले में दो साल से कायम गतिरोध रविवार को खत्म हो गया। ट्राइडेंट ग्रुप बरनाला में किसानों को 70 फीसदी ज्यादा मुआवजा देने पर राजी हो गया है। सरकार ने इसी के साथ किसान आंदोलन खत्म होने का दावा किया है।
राज्य सरकार ने बरनाला जिले में 376 एकड़ जमीन अधिग्रहण करने वाले ट्राइडेंट ग्रुप को कैप्टन सरकार द्वारा तय मुआवजे में 70 फीसदी बढ़ोतरी पर राजी कर लिया है। अब किसानों को 19.5 करोड़ अधिक मिलेंगे। भारतीय किसान यूनियन इस अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन कर रही थी।
मृतकों के आश्रितों को 5-5 लाख, नौकरी
रविवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में मुआवजा बढ़ाने पर सहमति बनी। बैठक में भारतीय किसान यूनियन उगराहां और ट्राइडेंट ग्रुप के प्रतिनिधि मौजूद थे।
बादल के मीडिया सलाहकार हरचरन बैंस ने बताया कि अधिग्रहण का विरोध करने वाले जिन किसानों पर केस दर्ज किए गए थे, उन्हें वापस ले लिया गया है। आंदोलन में मारे गए किसानों के आश्रितों को 5-5 लाख रुपए और सरकारी नौकरी दी जाएगी। घायल हुए करीब 70 लोगों को राहत के रूप में 25-25 हजार रुपए दिए जाएंगे।
बरनाला डीसी को इस बारे में तुरंत कदम उठाने को कहा गया है। जिन किसानों की जमीन ली गई है, उनकी जमीन खरीदने पर लगने वाली रजिस्ट्रेशन फीस और स्टाम्प ड्यूटी खत्म कर दी गई है।
इन किसानों को प्राथमिकता के आधार पर ट्यूबवेल कनेक्शन दिए जाएंगे। जिन किसानों के पास ट्यूबवेल कनेक्शन थे, उनसे कनेक्शन बदलने पर लगने वाली नहीं ली जाएगी। इस बारे में बिजली और सिंचाई विभाग के सचिव निर्देश दिए जा चुके हैं। इस समझौते के बाद मुख्यमंत्री ने भाकियू से 25 मार्च को प्रस्तावित रेल रोको आंदोलन वापस लेने की अपील की है।