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Chandigarh Chandigarh चंडीगढ़. अब रेलवे के ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर के हाथ में चार्ट और मैनुअल रसीद के बदले हैंड हेल्ड टर्मिनल (लैपटॉप) होगा। इसके लिए शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस में चलने वाले टीटीईज को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
अप्रैल के दूसरे सप्ताह से अमृतसर-नई दिल्ली, देहरादून, अजमेर से चलने वाली इन गाड़ियों में टीटीईज लैपटॉप के साथ नजर आएंगे। उत्तर रेलवे अंबाला डिवीजन के सीनियर डीसीएम करण सिंह ने बताया कि शुरू में इन स्टेशनों से चलने वाली गाड़ियों में प्रयोग के तौर पर टीटीईज को लैपटॉप दिए जाएंगे। उनका कहना है कि इस योजना से जहां टीटीई को सुविधा होगी वहीं पूरी गाड़ियां ऑनलाइन हो सकेंगी।
क्या होगा इसका फायदा
इसके लिए क्रिस के सहयोग से एक सॉफ्टवेयर डवलप किया जा चुका है। इस सॉफ्टवेयर की मदद से टीटीई को लैपटॉप में क्लिक करते ही ट्रेन की सीट्स का स्टेटस पता चल जाएगा कि किस सीट पर कौन बैठा है। सीट वेकेंट होने पर वह मौके पर पैसेंजर को अलॉट कर सकेगा।
इससे पहले टिकट चैकिंग स्टाफ को गाड़ियों में सीट का स्टेटस किसी बड़े स्टेशन पर पहुंचकर चार्ट देखकर ही पता चलता था लेकिन इस ऑनलाइन सॉफ्टवेयर की मदद से अब टीटीई को ट्रेन में ही वर्तमान और अगले स्टेशन से कोच में चढ़ने वाले यात्रियों के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
सीनियर डीसीएम ने बताया कि कुछ स्टेशनों पर टीटीई को लैपटॉप अप्रैल के दूसरे सप्ताह में दे दिए जाएंगे। उसके बाद चंडीगढ़ से चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में भी टीटीईज को लैपटॉप मुहैया करवाए जाएंगे।