नई दिल्ली. तिब्बत में चीन की नीतियों का विरोध और चीन द्वारा प्रदर्शन के दमन के बाद आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने कहा है कि बीजिंग ओलंपिक का विरोध या इन खेलों के आयोजन को कोई नुकसान पहुंचाना उनका मकसद नहीं है।
दलाई लामा ने कहा कि मैंने हमेशा इस बात का समर्थन किया है कि ओलिंपिक खेल चीन में होने चाहिए। उन्होंने चीन के इन आरोपों को आधारहीन करार दिया कि वे इस खेल महाकुंभ को नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं।
निर्वासित तिब्बत सरकार का नेतृत्व करने वाले 72 वर्षीय नेता ने कहा कि वे मेजबान हैं। ओलिंपिक बीजिंग में होना चाहिए। वे यहाँ एक धार्मिक कार्यशाला में हिस्सा लेने आए थे। उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे समय में की है जब चीन सरकार उनके खिलाफ हमले जारी रखे हुए है।