हैम्बर्ग.
टैटू यानी गोदना फैशन का ही नहीं स्वास्थ्य का भी मंत्र बन गया है। शोध के अनुसार बामारियों के इलाज के लिए टैटू द्वारा दी जाने वाली दवाएं कहीं ज्यादा कारगर साबित होती हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार जर्मनी के शोधकर्ताओं ने यह साबित कर दिया है कि डीएनए टीकाकरण की बजाय टैटू ज्यादा कारगर है।
हीडलबर्ग के ‘जर्मन कैंसर रिसर्च सेंटर’ की पत्रिका ‘जेनेटिक वैक्सीन्स एंड थरेपी’ में प्रकाशित इस अध्ययन के लिए चूहों पर दवा संबंधी परीक्षण किए गए। शरीर में लगाए जाने वाले इजेंक्शन के मुकाबले टैटू के जरिए दी गई कैंसर की एक दवा ने चूहों के शरीर में बेहतर प्रतिरोधक क्षमता विकसित की।
शोधकर्ताओं के अनुसार टैटू के जरिए चूहों में दवा का असर 16 फीसदी ज्यादा हुआ। टैटू के जरिए दवा बड़े इलाक में फैलती है और ज्यादा कोशिकाओं पर अपना असर दिखाती है।
जाहिर सी बात है बेहद पीड़ादायक होने क कारण टैटू प्रकिया हर किसी को रास नहीं आती लेकिन शोधकर्ताओं को विश्वास है कि यह टैटू-वैक्सीन बेहद लोकप्रिय हो सकती हैं।