नई दिल्ली.
भारत-अमेरिका परमाणु करार पर वामपंथी दलों के कड़े विरोध के बावजूद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार प्रदूषण रहित बिजली स्रोत के रूप में एटमी ऊर्जा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
प्रधानमंत्री सोमवार को दिल्ली के बाहरी क्षेत्र बवाना में 1500 मेगावाट की गैस आधारित बिजली परियोजना के तीसरे चरण की बुनियाद रखने के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि परियोजना 2010 में राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन के लिए बिजली की जरूरत पूरी करने में मददगार होगी। मनमोहन ने कहा, ‘मुझे भरोसा है कि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम बीएचईल और एनटीपीसी परियोजना को राष्ट्रमंडल खेलों के पूर्व पूरा कर देंगे।’
ऊर्जा सुरक्षा पर जोर : मनमोहन ने ऊर्जा बास्केट को बढ़ाकर ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यदि हम भावी पीढ़ियों के लिए उपयोगी कदम नहीं उठाते हैं तो अपना कत्र्तव्य पूरा करने में विफल होंगे। इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि 2010-11 तक दिल्ली के पास जरूरत से ज्यादा बिजली होगी।