नई दिल्ली.
मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या के हिसाब से भारत अप्रैल में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश बन जाएगा। इस तरह वह अमेरिका से आगे हो जाएगा।
अप्रैल में भारत में मोबाइल इस्तेमाल करने वालों की संख्या 30 करोड़ (फिक्स्ड और वायरलैस) हो जाएगी। फरवरी 2008 अंत तक भारत में 25.093 करोड़ मोबाइल फोन धारक थे। हर महीने 80-90 लाख मोबाइल नए जुड़ रहे हैं। अमेरिकी वायरलैस आपरेटरों के संगठन सीटीआईए के अनुसार अमेरिका में 25.6 करोड़ मोबाइल धारक हैं। वहां हर महीने 20-30 लाख नए मोबाइल जुड़ रहे हैं।
चीन में जनवरी 2008 में 53.45 करोड़ वायरलैस मोबाइल कनेक्शन थे। फरवरी में वहां संख्या 54.05 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। चीन में हर महीने 60-70 लाख नए मोबाइल जोड़े जा रहे हैं।
भारत में फरवरी में टेलीघनत्व 25 फीसदी हो गया है। जनवरी में यह 24.63 फीसदी था। वायरलैस ग्राहकों का आधार फरवरी में 85.3 लाख बढ़ा है। वायरलाइन फोन का इस्तेमाल करने वालों की फोन संख्या में कुछ कमी आई है।
जनवरी 2008 में वायरलाइन फोन का इस्तेमाल करने वालों की संख्या 3.92 करोड़ थी। फरवरी में यह संख्या 3.91 करोड़ रह गई। कुल फोन कनेक्शन के हिसाब से भारत में फरवरी अंत तक संख्या 29.01 करोड़ हो गई है। जनवरी में यह संख्या 28.16 करोड़ थी। कंपनियों का आकलन है कि अप्रैल में भारत में मोबाइल फोन की संख्या 30 करोड़ के पार हो जाएगी। सरकार ने पहले 2007 में फोन की संख्या 25 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था। अब भारत ने 2010 तक 50 करोड़ फोन कनेक्शन का लक्ष्य रखा है।