लंदन.
अगर आप इंटरनेट पर घंटों वक्त बिताने के शौकीन हों तो कुछ दिन बाद आपको किसी मनोचिकित्सक की मदद लेनी पड़ सकती है। इंटरनेट की लत व्यक्ति को मानसिक रूप से बीमार कर सकती है। यह दावा है अमेरिका के मशहूर मनोचिकित्सक डॉ. जेराल्ड ब्लॉक का।
ओरेगॉन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी के डॉ. ब्लॉक का कहना है कि इंटरनेट पर घंटों बिताने से गुस्सा, चिंता, डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याएं पैदा हो जाती हैं। इंटरनेट की लत से वास्तविक जीवन में महसूस की जाने वाली भावनाएं खत्म हो जाती हैं। ‘डेली मेल’ ने डॉ. ब्लॉक के हवाले से कहा है कि लोग इंटरनेट पर सर्फिग करने में अपने जीवन का बड़ा हिस्सा बिताने लगे हैं। सर्फिग की लत के चलते स्टूडेंट अपनी पढ़ाई छोड़ रहे हैं तो कामकाजी लोग नौकरी से इस्तीफा देने तक को तैयार हैं।
ये हैं खतरे के संकेत:
1. पूरा समय इंटरनेट पर बिताना, खाने-पीने और सोने की भी सुध न होना।
2. अगर कहीं कंप्यूटर न हो तो खीझ, गुस्सा और डिप्रेशन आदि की शिकायत।
3. इंटरनेट की लत के चलते लोग तर्क-वितर्क करने, झूठ बोलने, सामाजिक अलगाव और नाकामी जैसे हालात के शिकार हो जाते हैं।