मुंबई. काली टोपी, सफेद शर्ट और खाकी निकर के रूप में अपने गणवेश का सख्ती से पालन करने वाले राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बदलते वक्त के साथ खुद को बदलना शुरू कर दिया है। इसकी शुरुआत हुई है बरमूडा, जीन्स शॉट्र्स जैसी पोशाकों से। इसके अलावा साइबर शाखाओं का चलन भी शुरू हो गया है।
आरएसएस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रवक्ता राम माधव ने सोमवार को यहां स्वीकारा कि बदलते वक्त के साथ संघ ने अपने सख्त ड्रेस कोड में ढील देना शुरू कर दिया है। अगर संघ का कोई कार्यकर्ता बरमूडा या शॉर्ट्स पहनकर शाखा में आ जाता है तो उसे अनुशासनहीनता नहीं माना जाता।
राम माधव ने बताया कि बेंगलूर जैसी हाईटेक आईटी सिटी में तो आरएसएस के कई स्वयंसेवक कंप्यूटर तकनीक के भी जानकार हैं। यही वजह है कि वे अपनी गतिविधियों की जानकारी के आदान-प्रदान के लिए लैपटॉप का खुलकर इस्तेमाल करते हैं। एक तरह से यह ‘साइबर शाखाओं’ का रूप ले चुकी हैं।