जयपुर.
‘परिंदे ने कभी फिरकापरस्ती नहीं देखी, कभी मंदिर पे तो कभी मस्जिद पे जा बैठा’। शायर इकराम राजस्थानी की ये पंक्तियां उस समय साकार हो र्गई, जब विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों कलाकारों ने एक सुर एक ताल पर अपने कदम थिरकाए। अवसर था सवाई मानसिंह स्टेडियम में सोमवार को शुरू हुए सात दिवसीय राजस्थान दिवस समारोह के उद्घाटन का।
भारत की विभिन्न संस्कृतियों के प्रतिनिधि बनकर जब कलाकार स्टेडियम के हरे-भरे मैदान पर उतरे तो वहां उपस्थित सैकड़ों दर्शकों ने उनका तालियां बजाकर अभिवादन किया। राजस्थान, उड़ीसा, मणिपुर, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र और असम से आए लोक नर्तकों ने इस अवसर पर खुद के गीतों पर नृत्य करने की बजाय केसरिया बालम आवो नी पधारो म्हारे देस, अल्लाह के बंदे हंस दे, दमादम मस्त कलंदर, इण लहरिये रा और अंत में ए.आर. रहमान रचित रचना वंदेमातरम पर अपने-अपने प्रदेश के परिधानों में नृत्य किया तो संपूर्ण परिसर मजहबी एकता के रंग में रंग गया।
ग्रामीण खेलों से शुरुआत
समारोह की शुरुआत ग्रामीण खेलों से हुई। राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने कुश्ती, मलखंब, कबड्डी, तीरंदाजी और नट के खेलों का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मशाल प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया। इसके बाद खिलाड़ियों के एक दल ने मशाल थाम स्टेडियम का चक्कर लगाया।
आसमान से उतरे आठ जांबाज
समारोह के दौरान स्टेडियम के ऊपर करीब दस हजार फुट की ऊंचाई पर चक्कर लगा रहे हेलीकॉप्टर से एक के बाद एक सेना के आठ जवान कूद पड़े। आधे रास्ते के बाद पैराशूट खुलते ही ये जांबाज पक्षी की तरह हवा में तैरते हुए एक-एक करके स्टेडियम में उतरे। इसके बाद ‘आवाज दो हम एक हैं’ गीत पर तिरंगे झंडे के तीन रंगों के सैकड़ों गुब्बारे छोड़े गए।
खूब जमी ताल कचहरी
अंत में ड्रमर लुई बैल्स, सौ ताल वाद्यों पर लय-ताल का कमाल दिखाने वाले शिवमणि, घटम वादक विक्कू विनायक राम, खंजरी वादक सल्वा गणोश, सारंगी वादक उस्ताद सुल्तान खां और पखावज व तबला वादक भवानी शंकर की ताल वाद्यों पर सजाई गई ताल कचहरी ने भी खूब रंग जमाया। अंत में डॉ. पलाश सेन के यू फोरिया बैंड ने धूम मचाई।
तीजन बाई की पंडवाणी
उधर सांगानेर स्टेडियम और जवाहर कला केंद्र में छह दिवसीय लोक संगीत एवं नृत्य समारोह शुरू हुआ। सांगानेर स्टेडियम में पंडवाणी गायिका तीजन बाई और जवाहर कला केंद्र में बंगाल, आंध्रप्रदेश, असम व राजस्थान के कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं।
रन फॉर राजस्थान
इससे पूर्व अल्बर्ट हॉल से रवाना होकर स्टेडियम पहुंची रन फॉर राजस्थान मशाल दौड़ में गोपाल सैनी, नवनीत गौतम, दलजिंदर सिंह, रामावतार जाखड़, परमजीत कौर, नीतू शर्मा सहित कई वर्तमान व पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने भाग लिया। खेल मंत्री प्रताप सिंह सिंघवी ने हरी झंडी दिखाकर इस रैली को रवाना किया। स्टेडियम में रैली का नेतृत्व ओलिंपियन तीरंदाज लिंबाराम ने किया।
उनसे मशाल लेकर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने पारंपरिक एवं ग्रामीण खेलों की शुरुआत की। उन्होंने राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से स्टेडियम में लगाए गए ग्रामीण मेले का अवलोकन किया और महिला बास्केटबॉल अकादमी की खिलाड़ियों से भी मिलीं।