भोपाल. भोपाल, बुंदेलखंड, बघेलखंड, महाकौशल तथा मालवा अंचल के कुछ जिलों में रविवार को हुई वर्षा और ओलावृष्टि ने पहले ही मौसम की मार झेल रहे किसानों की ¨चता और बढ़ा दी है। तेज हवा और बारिश से आम के बौर नष्ट होने से फलों के राजा आम की पैदावार पर भी प्रतिकूल असर पड़ेगा। छिंदवाड़ा, गुना, ब्यावरा, अशोक नगर, होशंगाबाद, सीहोर में वर्षा ने फसलों को व्यापक प्रभावित किया है।
छिंदवाड़ा के अलग-अलग हिस्सों में कहीं बूंदा-बांदी हुई तो कहीं झमाझम बारिश हुई है। रविवार को तेज हवा और बारिश से खेतों में खड़ी फसल आड़ी हो गई। हालांकि असिंचित क्षेत्र में गेहूं की कटाई हो चुकी है। नुकसान उन्हीं क्षेत्रों में हुआ जहां सिंचित रकबा है और बोनी देरी से हुई। लगातार अवकाश के कारण प्रशासनिक अमला नुकसान का आंकलन नहीं कर पाया है।
इसी तरह गुना जिले के आरोन और चांचौड़ा ब्लाक में रविवार शाम तेज आंधी के साथ बारिश होने और कुछ इलाकों में ओले गिरने से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि आंधी से गेहूं की फसल गिर गई है और धनिया झड़ गया है। चने की फसल में भी नुकसान हुआ है। तहसीलदार संदीप श्रीवास्तव ने पटवारियों को सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। चांचौड़ा ब्लाक के कुछ इलाकों में भी नुकसान हुआ है, जबकि बीनागंज में एक कच्चा मकान धराशायी हो गया है।
राजगढ़ जिले के माचलपुर क्षेत्र में ओले गिरने से २क्-२५ फीसदी तक फसलों को नुकसान हुआ है। ब्यावरा, सारंगपुर, करनवास और राजगढ़ क्षेत्र में आंधी के साथ बारिश होने से फसलें आड़ी हो गई हैं। राजगढ़ इलाके में आंधी से १५-२क् पेड़ भी गिरे हैं। पटवारियों को सर्वे के निर्देश दे दिए गए हैं। अशोकनगर जिले में सिर्फ बूंदाबांदी हुई है, जिससे फसलों को ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। हालांकि आंधी चलने से गेहूं की फसल आड़ी हो गई है, जिससे किसानों को कुछ नुकसान हुआ है।
होशंगाबाद में बेमौसम हुई बरसात से गेहूं व चने की तैयार फसल पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। इन दोनों ही उपज की चमक फींकी पड़ जाने से किसानों में निराशा का माहौल है। आधिकारिक तौर पर जिले में 10 प्रतिशत ही नुकसान बताया जा रहा है, लेकिन किसानों की बात माने तो करीब 15-20 प्रतिशत तक फसल को क्षति पहुंची है। शनिवार की रात तेज बारिश ने गेहूं की तैयार फसलों को आड़ा कर दिया है। खलिहानों में रखी फसल भी गीली हो गई है। नुकसान का आंकलन करने के लिए कृषि और राजस्व विभाग का मैदानी अमला सक्रिय किया गया है।
सीहोर जिले में शनिवार और रविवार को कई क्षेत्रों में चली हवाओं व तेज बारिश के कारण फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं दूसरी ओर सोमवार को भी आष्टा क्षेत्र में तेज बारिश हुई। जबकि जिले के अन्य क्षेत्रों में आसमान साफ होने के साथ ही धूप खिली हुई थी। कृषि विभाग के अधिकारियों और कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि रविवार को हुई बारिश से गेहूं की फसल की गुणवत्ता पर असर पड़ने की संभावना है। सर्वे के बाद ही स्थिति का पता चल सकेगा।
विदिशा जिले में रविवार की रात करीब तीन घंटे तक हुई बारिश ने किसानों को रबी की फसल से अज्छे दाम मिलने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बारिश और आंधी से जिले के सभी ब्लाक प्रभावित हुए हैं। बेमौसम बरसात ने जहां खेतों में कटी पड़ी फसलों को गीला कर दिया, वहीं तेज हवा के कारण खड़ी फसलें आड़ी हो गईं। किसानों का कहना है कि इससे फसल के दामों में 200 से 400 रुपए प्रति क्ंिवटल तक का असर आ जाएगा।
ग्राम पालकी के किसान महेंद्रसिंह रघुवंशी ने बताया कि फसल आड़ी होने से गेहूं के दाने का सही विकास नहीं हो पाएगा और उसकी चमक चली जाएगी। वहीं कटा पड़ा हुआ चना दागी होने की आशंका हो गई है। इस संबंध मंे उप संचालक कृषि डीके दुबे का कहना है कि असमय पानी गिरने से दाना पतला रह जाएगा। यदि दो-तीन मौसम ऐसा ही रहा तो ज्यादा नुकसान की आशंका है।
जबलपुर से मिले समाचार के अनुसार जबलपुर सहित संभाग के कुछ अन्य जिलों में बेमौसम की वर्षा से फसलों को नुकसान पहुंचा है। जबलपुर के साथ पडोसी जिलों मंडला, सिवनी, उमरिया और नर¨सहपुर में बारिश दर्ज की गई। शाजापुर में तेज हवा के साथ बारिश होने की सूचना है। इससे गेहूं और खलिहान में रखी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।