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जूनियर को सैल्यूट करने की मजबूरी

जयपुर.उम्र की बाधा के कारण आरपीएस को नहीं मिल पाती आईपीएस में पदोन्नति

केंद्र के एक कानून की बाधा के चलते प्रदेश के आरपीएस अधिकारी आईपीएस का दर्जा पाने से वंचित रह जाते हैं और जूनियर के प्रमोशन के बाद उनको उसके मातहत रहकर भी काम करना पड़ता है। आरपीएस कैडर में ऐसे अधिकारियों की संख्या काफी है। इस वर्ष होने वाली पदोन्नति में भी इसी बाधा के चलते सात अधिकारी आईपीएस नहीं बन पाएंगे।

>> पेंच क्या है?

द इंडियन पुलिस सर्विस (अपॉइंटमेंट प्रमोशन) रेगुलेशन 1955 के सेक्शन 5 (3) में प्रावधान है कि राज्य पुलिस सेवा का कोई भी अधिकारी, जो 54 वर्ष की आयु का हो चुका है, आईपीएस में पदोन्नति का हकदार नहीं होगा। यह प्रावधान उस समय किया गया था, जब सभी राज्यों में सेवानिवृत्ति की उम्र 55 वर्ष थी। कई संशोधनों के बाद रिटायरमेंट की सीमा तो 60 साल हो गई, लेकिन आरपीएस पदोन्नति की आयुसीमा (54 साल) वाला यह प्रावधान नहीं बदला। लिहाजा जूनियर बैच के अफसरों के आगे सीनियरों को छह साल तक सैल्यूट देना पड़ जाता है। आयुसीमा के इस नियम के चलते इस वर्ष भी कुछ आरपीएस अधिकारी पदोन्नति से वंचित रहने वाले हैं। एक जनवरी को तैयार वरीयता सूची के अनुसार, ऐसे अफसरों में जगदीशलाल मीणा, वासुदेव भट्ट, सुरेशचंद्र पंड्या, जोगेंद्र सिंह, यशपाल सिंह, बीआर निमावत और कृपाशंकर गौड़ शामिल हैं।

>> पदोन्नति के प्रावधान

आरपीएस से आईपीएस में पदोन्नति के लिए वैसे तो पंद्रह वर्ष की सेवा जरूरी है, फिर भी राज्य में कुछ प्रावधान तय हैं। इनमें जूनियर स्केल से सीनियर स्केल में तथा सीनियर स्केल से सलेक्शन स्केल में पदोन्नति की समय सीमा नहीं है, लेकिन सलेक्शन स्केल से सुपरटाइम में प्रमोशन के लिए इस स्केल में कम से कम तीन वर्ष और कुल सेवा का बीस वर्ष का अनुभव होना जरूरी है।

>> ये है आरपीएस स्टेटस

राज्य में लगभग पौने पांच सौ आरपीएस अफसर हैं। इनमें 148 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हैं। इसमें से सुपरटाइम स्केल में 18, सलेक्शन स्केल में 45 और सीनियर स्केल में 85 अधिकारी हैं। वहीं 327 आरपीएस पुलिस उप अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। हाल ही हुई निरीक्षकों की डीपीसी के आदेश जारी होने पर इनकी संख्या बढ़ जाएगी। आयुसीमा का प्रावधान बदलना हमारे हाथ में नहीं है। हम भी चाहते हैं कि इसे हटाने के लिए संशोधन होना चाहिए। इसके लिए केंद्र को पत्र लिखा है।
—गुलाबचंद कटारिया, गृहमंत्री

राज्य सरकार को पदोन्नति की आयुसीमा की बाधा को हटाने के लिए केंद्र से चर्चा करनी चाहिए। इसमें सेवानिवृत्ति से पूर्व कम से कम एक वर्ष सेवाकाल शेष हो, ऐसा संशोधन कराया जा सकता है।
—बहादुरसिंह राठौड़, अध्यक्ष, राजस्थान पुलिस सेवा परिषद, जयपुर

इस विसंगति को दूर करने के लिए शीघ्र कदम उठाया जाना चाहिए।
—अनिल कुमार गोठवाल, महासचिव, राजस्थान पुलिस सेवा परिषद, जयपुर





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