भोपाल. प्रदेश में साइकिल घोटाले ने भाजपा सरकार को स्कूली छात्राओं को साइकिल बांटना बंद करने पर मजबूर कर दिया है। नए शिक्षा सत्र से अब साइकिल की बजाय छात्राओं को नगद राशि मिलेगी। साथ ही गणवेश-वितरण भी बंद करके नगद राशि देने की तैयारी हो गई है।
प्रदेश में साइकिल योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने की थी। इसमें तब से अब तक लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे। पिछले सत्र में 15 से अधिक जिलों में साइकिल वितरण में घोटाला होना पाया गया। इसमें साइकिल के ब्रांडेड पार्ट्स की बजाय चीन से आयातित डुप्लीकेट पार्ट्स लगाना और आधी-अधूरी साइकिल वितरित करने के मामले सामने आए। इस पर हाल में विपक्ष ने विधानसभा में वाकआउट तक किया था।
गणवेश बंटना भी बंद होगा: विद्यार्थियों को दी जाने वाली गणवेश भी अब बंद कर दी जाएगी। इसकी जगह नगद दो सौ रुपए मिलेगें। अभी अंतिम रूप से इसका फैसला नहीं हुआ है, किंतु उच्च स्तर पर सहमति बन चुकी है।
कैसे मिलेगी नगद राशि
छात्रा के पालक को खुद साइकिल खरीदना होगी। इसकी रसीद स्कूल प्राचार्य को दी जाएगी, जिसके बाद प्राचार्य व पालक शिक्षक संघ के अध्यक्ष तस्दीक करके राशि जारी कर सकेंगे। यह राशि दो हजार रुपए रहेगी। इसी तरह गणवेश में भी पालक को खरीदी करके रसीद देनी होगी। सालाना दो गणवेश के दो सौ रुपए दिए जाएंगे। राशि जारी करने के अधिकार प्राचार्य व पीटीए को दिए जाएंगे।
साइकिल मामले में जांच
साइकिल घोटाले के मामले में सभी जिलों पर जांच बैठी हुई है। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने सभी जिला कलेक्टरों को साइकिल वितरण व गुणवत्ता की जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दे रखे हैं।
किसको पात्रता
साइकिल-छठवीं और 9वीं की छात्राओं को। (एक गांव से दूसरे गांव जाने वाली छात्राओं को)
गणवेश-पहली से आठवीं कक्षा तक की सभी छात्राओं को।
मंत्री बोले
* साइकिल की बजाय नगद दो हजार रुपए देना तय हो गया है। नए शिक्षा सत्र से ही यह बदलाव लागू करेंगे। गणवेश के मामले में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
- डा. गौरीशंकर शेजवार, मंत्री, मप्र स्कूल शिक्षा विभाग