भोपाल.
प्रकृति और पर्यावरण का आपसी तालमेल कैसे होता है और इसका क्या फायदा है, इसके बारे में अब आसानी से पता चल जाएगा। क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय में जल्दी ही एक नई ‘ईकोलॉजी एंड कन्जर्वेशन गैलरी’ तैयार की जाएगी। इसे तैयार करने में लगभग 40 लाख रुपए की लागत आएगी। इस गैलेरी में आम लोगों के लिए प्रकृति और पर्यावरण के बारे में जानने के लिए बहुत कुछ होगा।
टच स्क्रीन सिस्टम
इस गैलेरी की खासियत होगी टच स्क्रीन सिस्टम। इसमें मप्र की प्राकृतिक संपदा की जानकारी, कितने जंगल, जानवर, पेड़-पौधे और जीव-जन्तु हैं। किस क्षेत्र में कितने हैं और कहां-कहां क्या है, के बारे में जानकारी होगी। वायु, जंगलों की कटाई, जल प्रदूषण इनके होने और न होने से क्या नुकसान एवं फायदा है के बारे में पता चल सकेगा।
आप और आपका पर्यावरण
इस गैलेरी के विभिन्न विभाग होंगे। जिसमें से एक होगा आप और आपका पर्यावरण। साथ ही आम लोगों के लिए जानकारी उपलब्ध होगी कि पर्यावरण कैसा होता है और आप उसके साथ कैसे इंटरएक्ट करते हैं। पर्यावरण क्यों उपयोगी है और इसके फायदे क्या हैं। साथ ही पौधों के साथ पर्यावरण का क्या संबंध है कि भी जानकारी मिलेगी।
जीव-जन्तुओं का वर्गीकरण
हर छोटे-बड़े जीव-जन्तुओं का वर्गीकरण इस गैलेरी में दिखाया जाएगा। पौधों के साथ जीव-जन्तुओं का क्या संबंध है, एक-दूसरे के लिए इनका क्या महत्व है के बारे में भी गैलेरी में जानकारी रहेगी।
कैसे बनती है मिट्टी
आमतौर पर लोग मिट्टी के बारे में जानते हैं कि उसके क्या हैं फायदे और किस काम में आती है। लेकिन बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि ये मिट्टी बनती कैसे है और इसे बनने में कितना समय लगता है, जिसकी पूरी जानकारी लोगों को यहां मिलेगी।
ईकोलॉजी में बदलाव
ईकोलॉजी में होने वाले बदलाव और उपलब्ध स्रोतों का बंटवारा जीव-जन्तु एवं पौधे कैसे करते हैं, के बारे में भी लोग जान सकेंगे। वन्य जीवों को संरक्षित करने के तरीके और वन्य जीवों से संबंधित कानून की जानकारी भी दी जाएगी।
ऊर्जा संरक्षण और प्रदूषण
ऊर्जा को कैसे बचाएं और सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा का कैसे ज्यादा से ज्यादा उपयोग करें और इससे क्या फायदा होगा के बारे में बताया जाएगा। दूसरी ओर पर्यावरण को प्रदूषण से कैसे बचाएं और प्रदूषण कैसे कम करें की जानकारी भी उपलब्ध होगी।
* गैलेरी आम लोगों को प्रकृति के करीब लाने का काम करेगी और इससे वे सारी जानकारियां हासिल होंगी जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं। बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी यह उपयोगी सिद्ध होगी।
-डॉ. एस सेतुरामलिंगम वैज्ञानिक क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय
* इस तरह की गैलेरी जल्दी ही तैयार होगी। इससे भोपाल के लोगों को पर्यावरण को समझने एवं उसके संरक्षण के विषय में महत्वपूर्ण जानकारी मिलेगी।
-एमएल गुप्ता, शिक्षा सहायक क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय