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भूमि एक्वायर के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू

बीकानेर. स्प्रिंकलर सिस्टम शुरू करने की सरकार की मंशा पर सबसे पहले किसान नेता हुक्माराम ने विरोध जताकर आईजीएनपी को सकते में डाला लेकिन फिर काम शुरू हुआ। अब कोलायत विधायक देवीसिंह भाटी ने भी प्रक्रिया पर एतराज जताया लेकिन आईजीएनपी इस सिस्टम को और तेजी से पूरा करने में जुट गया है।

इंदिरा गांधी नहर परियोजना के 31 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में स्प्रिंकलर सिस्टम शुरू करने की कवायद आईजीएनपी ने कर ली लेकिन अब प्रक्रिया को लेकर मतभेद सामने आ गए हैं। कोलायत विधायक देवीसिंह भाटी ने किसानों को लैंड कंपनसेशन की बात को तवज्जो देते हुए उद्घाटन करने से इंकार किया था तो किसान नेता हुक्माराम बिश्नोई पहले ही इस पर विरोध जता चुके हैं।

आईजीएनपी अभियंता इससे चिंतित तो हैं लेकिन काम को रुकने नहीं दे रहे हैं। चूंकि सीएम स्तर पर इसकी समीक्षा हो रही है इसलिए इसे और तेजी से पूरा किया जा रहा है। भाटी के उदघाटन नहीं करने के बाद आईजीएनपी ने सरकार की धारा चार के तहत भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी। धारा चार में भूमि को चिन्हित कर उस पर टैस्टिंग कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद धारा छह लागू कर अधिग्रहण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी। अंत में धारा नौ के अंतर्गत किसानों से सीधे वार्तालाप होगा। किसानों की समस्याओं को सुनने के बाद विभाग निर्णय लागू करेगा। इसके बाद किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।

जानकारी के मुताबिक विभाग 193 डिग्गियां बनाएगा। एक डिग्गी के लिए करीब तीन बीघा भूमि की जरूरत पड़ेगी। इस हिसाब से पांच सौ बीघा से अधिक भूमि की जरूरत होगी। सूत्रों के मुताबिक विभाग ने तीन तरह की भूमि चिन्हित की है। इसमें रकबाराज, समरी व किसानों की भूमि शामिल है। रकबाराज व समरी में तो विभाग को समस्या नहीं आएगी लेकिन काश्तकारों की भूमि अधिग्रहण करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि अभी विभाग किसानों के विरोध की हद का अंदाजा लगा रहा है। यदि विरोध तेज हुआ तो काम प्रभावित हो सकता है लेकिन फिलहाल काम को और तेजी से करने के निर्देश दिए गए हैं।

सीएम अगस्त में बीकानेर आने वाली है इसलिए उनके सामने इसकी रिपोर्ट भी रखी जानी है। सिस्टम के तैयार होने से करीब 10 हजार किसानों का लाभ जुड़ा है। टेल के किसानों को पानी मिल सकेगा।

>> क्यों हुआ विरोध

स्प्रिंकलर सिस्टम के विरोध के पीछे कोई विशेष बात सामने नहीं आई। विरोध का मूल कारण किसानों को भूमि का समय पर कंपनसेशन नहीं मिलना माना जा रहा है। कोलायत विधायक देवीसिंह भाटी तो सिस्टम का उद्घाटन करने भी पहुंचे थे।

गजनेर लिफ्ट की लेफ्ट माइनर पर उन्होंने उदघाटन भी किया लेकिन आगे अन्य जगह पहुंचे तो किसानों ने उन्हें कुछ समस्याएं बताई। तब जाकर भाटी ने अभियंताओं से मुआवजे की बात कही। अभियंता उचित जवाब नहीं दे सके इस पर भाटी ने एतराज जताया। भाटी का कहना है कि सिस्टम से किसानों को पानी मिलेगा यह सही है लेकिन किसानों का नुकसान कर परियोजना को पूरा नहीं किया जा सकता।

स्प्रिंगकलर सिस्टम के लिए सरकार ने ग्रांट दी है। समय पर इसका लाभ नहीं लिया गया तो आगे दिक्कत आएगी। रही बात भूमि कंपनसेशन की तो उसकी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सभी को उचित मुआवजा दिया जाएगा। किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
कुंदनलाल, मुख्य अभियंता आईजीएनपी





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