जयपुर.
हाल ही बजट में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने घोषणा की थी कि छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट पर हम सकारात्मक सोच रखेंगे। उधर दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने घोषणा की है कि राजस्थान में हमारी सरकार आई तो नई वेतन सिफारिशें तुरंत लागू की जाएंगी।
अगर सिफारिशें लागू हुईं तो..
>> एलडीसी
यदि मूल वेतन है 4590, तब मेरी पगार :
4590+2295+2823+1033+150=10891
मूल वेतन+महंगाई वेतन (50 प्रतिशत)+महंगाई भत्ता (41 प्रतिशत)+एचआरए(15 प्रतिशत)+शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता
(वेतन और शहर के अनुसार)
सिफारिशें लागू होने के बाद मेरी पगार बढ़ जाएगी
13300+1240+600+798=15938
>> आरएएस
यदि मूल वेतन है 13500, तब मेरी पगार:
13500+6750+8302+3037+240=31829
सिफारिशें लागू होने के बाद मेरी पगार
39116+3644+960+2347=46066
>> कलेक्टर
यदि मूल वेतन है 16500, तब मेरी पगार:
16500+8250+10147+5235+240=40,372 रु.
सिफारिशें लागू होने के बाद मेरी पगार
34897+12912+960+2868=51,637 रु.
केन्द्रीय भत्ते इसमें शामिल नहीं।
>> सुविधाएं पहले से ही बेहिसाब
हालांकि कलेक्टर को इस वेतन के अलावा भी कई गुना ज्यादा सुविधाओं के रूप में मिल जाता है। जैसे-
बड़ा बंगला : किराया 50 हजार मासिक (बाजार भाव)
गाड़ी : दो ड्राइवर सहित एक से ज्यादा वाहन, खर्चा करीब 50 हजार रुपए मासिक।
टेलीफोन-मोबाइल : करीब 10 हजार मासिक
बिजली-पानी : नाममात्र का खर्च
घर में अर्दली-चपरासी-माली की कोई गिनती नहीं।
अतिरिक्त सुविधाएं कोई डेढ़ लाख रु./मासिक की।
>> निजी क्षेत्र जैसी इंसेन्टिव योजना
वेतन आयोग ने सालाना बोनस के विकल्प के रूप में इंसेन्टिव योजना की पेशकश की है। बोनस की जगह लेने वाला यह प्रस्ताव विभाग द्वारा की गई बचत में से भत्ते के रूप में मिलेगा। इस भत्ते को पाने के हकदार बेहतर कामकाज करने वाले कर्मचारी होंगे। कर्मचारियों के परफोरमेंस भी इंक्रिमेंट का आधार बनेगा।