bhaskar Web English
HomeNewsRajasthanAjmer Ajmer

अबूझ सावे पर शादियां नहीं!

अजमेर. सर्वश्रेष्ठ एवं अबूझ सावा आखातीज पर इस बार शुक्रतारा अस्त रहने के कारण विवाह मुहरूत हो लेकर स्थिति साफ नहीं है। शादी की तारीख तय करने से पहले लोगों को पंडितों की राय लेनी पड़ रही है। इस साल आखातीज 7 मई को आएगी।

पंचागों के मुताबिक 5 मई को शुक्र तारा अस्त होगा और 10 जुलाई को वापस उदय होगा। शुक्र तारे को गृहस्थ आश्रम के लिए श्रेयस्कर माना गया है। आखातीज पर शुक्र तारा अस्त होने के कारण यह असमंजस बना हुआ है कि सावा किया जाए या नहीं?

पंचागों में भी शुक्र तारा अस्त होने के प्रभाव का संकेत तो दिया गया है। साथ ही अबूझ सावे का महत्व भी दर्शाया गया है। ऐसे में लोग फैसला नहीं कर पा रहे हैं कि शादी के लिए यह दिन तय किया जाए या नहीं? यदि आखातीज के सावे को टाल दिया जाता है तो 11 जुलाई को बड़ली नवमी का सावा अबूझ रहेगा। इसके बाद 21 नवंबर से ही सावों की शुरुआत होगी।

अबूझ सावे..

पंचागों के मुताबिक नवसंवत्सर, रामनवमी, आखातीज, रंग पंचमी, जानकी नवमी, गंगादशमी, विजयदशमी, निर्जला एकादशी, जल-झूलनी एकादशी, गोगानवमी, देवउठनी एकादशी, पीपल पूर्णिमा आदि को अबूझ सावे के रूप में माना गया है।

ज्योतिषयों का कहना है

>> तारा अस्त होने पर ना तो विवाह का लग्न आएगा और ना ही रेखाएं बनेंगी। बगैर लग्न और रेखा के सावा मान्य नहीं होता। इसका प्रमाण कात्यायनी तंत्र में दिया गया है। आखातीज पर शादियां निषेध रहेंगी।’
-पंडित बंकटलाल व्यास

>> अबूझ सावे पर हालांकि किसी ग्रह या नक्षत्र का प्रभाव नहीं होता। मगर विवाह में शुक्र तारा ही प्रमुख होता है। उसके अस्त होने पर शादियां नहीं हो सकतीं।
-पंडित रामनिवास दाधीच

>> शुक्र ही ऐसा ग्रह है, जो गृहस्थ आश्रम के लिए शुभ होता है। बगैर लग्न और रेखा के विवाह नहीं हो सकते। आखातीज के दिन कोई लग्न ही नहीं बनता। इस वजह से इस दिन शादियां निषेध रहेंगी।
-पंडित शिवनारायण शास्त्री

>> कोई भी ग्रह या नक्षत्र का प्रभाव अबूझ सावे पर भारी नहीं होता। आखातीज पर होने वाले सावे स्वयं सिद्ध होते हैं। इनका ग्रह-नक्षत्रों पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ता।
-पंडित पुखराज श्रीमाली





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: