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रालामंडल मामला: कानून का पालन करे प्रदेश सरकार

इंदौर. रालामंडल मामले में हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सोमवार को निर्णय देते हुए राज्य शासन से वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट का पालन करने को कहा है। रालामंडल को डीनोटिफाइड करके ईको-टूरिज्म सेंटर बनाने के विरोध में पीपल फॉर द इथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा), इंदौर चेप्टर के अध्यक्ष डॉ. सुधीर खेतावत ने याचिका लगाई थी।

डॉ. खेतावत ने बताया डबल बैंच ने सुनवाई करते हुए शासन से इस मामले में वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 की धारा 28 एवं 33 का पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा कोर्ट निर्णय के बाद कहा जा सकता है कि इन नियमों के चलते रालामंडल को बचाया जा सकेगा।

जानकारों का कहना है कोर्ट से हुए निर्णय के बाद अब यह इको टूरिज्म नहीं हो पाएगा जो कि पर्यावरण को बचाने में एक बड़ी जीत है। श्री खेतावत ने मामले की पैरवी करते हुए न्यायाधीशों से कहा मैं यहां पशु-पक्षियों का प्रतिनिधि बनकर आया हूं। पिछले दस साल में पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से तापमान तो बढ़ा ही है, पशु-पक्षी भी विलुप्त हुए हैं। उन्होंने रालामंडल में विचरण कर रहे पशु-पक्षियों के आंकड़े भी गिनाए।

धारा 33 कहती है
उन्होंने बताया धारा 33 में कहा गया है कि किसी भी अभयारण्य के भीतर वाणिज्यिक पर्यटक लॉज, होटल, चिड़ियाघर व सफारी उपवन का स्वनिर्माण राष्ट्रीय बोर्ड के पूर्व अनुमोदन के बिना नहीं किया जा सकेगा। ऐसे कदम उठाए जाएंगे जो अभयारण्य में वन्य पशु की सुरक्षा को तथा अभयारण्य के संरक्षण को आश्वस्त करे। वन्य प्राणियों के हित के लिए अभयारण्य में उनके प्राकृतिक निवास स्थान में सुधार संबंधी उपाय भी किए जाएंगे।

कांग्रेस की मौन रैली आज
शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन ने बताया रालामंडल अभयारण्य को बचाने के लिए 25 मार्च को राजबाड़ा से संभागायुक्त कार्यालय तक विधायक तुलसी सिलावट की अगुआई में मौन जुलूस निकाला जाएगा। यहां प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। सज्जनसिंह वर्मा, कृपाशंकर शुक्ला, रामलाल यादव, शोभा ओझा, पंकज संघवी, राजेश चौकसे, मंजूर बेग, नरेंद्र सलूजा व अशोक जैन ने रैली को सफल बनाने की अपील की।





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