अजमेर. दिमागी संतुलन खो बैठी जर्मन युवती एलेक्जेंड्रा उर्फ लक्ष्मी सोमवार को एसपी ऑफिस पहुंच गई और करीब दो घंटे तक दफ्तर के बाहर बैठी रही। उसने एसपी आनंद श्रीवास्तव से मुलाकात कर उसे नशीला पानी पिलाकर बेहोश करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। एसपी ने युवती के मानसिक रोग के इलाज के निर्देश दिए हैं। इस बारे में पुलिस ने कलेक्टर से स्वीकृति मांगी है।
एलेक्जेंड्रा शुक्रवार को अर्ध बेहोशी की हालत में जेएलएन अस्पताल पहुंची थी। डॉक्टरों ने उसे भर्ती किया, तो उसने हंगामा कर डॉक्टर और पुलिस को परेशान किया। हालत सामान्य होने पर उसे रविवार को छुट्टी दे दी गई थी। इसके बावजूद वह अस्पताल परिसर में ही जमी रही।
रात अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के परिसर में बिताने के बाद वह सोमवार सुबह कलेक्ट्रेट पहुंच गई। एसपी से मिलने की जिद लेकर वह पुलिसकर्मियों से अड़ गई। करीब दो घंटे तक वह कलेक्ट्रेट में रही। एसपी के आदेश से पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अशोक चौधरी से उसका चेकअप कराया। उसे जयपुर के मानसिक रोग चिकित्सालय भेजे जाने की कार्रवाई की जा रही है। मालूम हो कि चरस तस्करी के आरोप में अदालत में विचाराधीन प्रकरण और आर्थिक तंगी के कारण जर्मन युवती का मानसिक संतुलन गड़बड़ाया हुआ है।
वतन लौटने की इच्छा
एलेक्जैंड्रा ने एसपी आनंद श्रीवास्तव से मुलाकात कर कहा कि उसे जर्मनी वापस जाना है, उसके पास यहां रहने के लिए पैसा भी नहीं बचा है। उसे दिल्ली स्थित जर्मन दूतावास जाने की इजाजत और आर्थिक मदद दी जाए। श्रीवास्तव ने बताया कि एलेक्जैंड्रा जमानत पर रिहा है, इसलिए पुलिस की ओर से उसके दिल्ली जाने पर पाबंदी नहीं है।