मुंबई.
दुनिया में मंदी आए या कंपनियों के कारोबार सिकुड़ें, कर्मचारी वेतन बढ़ने की उम्मीद कैसे छोड़ सकते हैं। लिहाजा कंपनियां अच्छी वेतनवृद्धि करेंगी, लेकिन मंदी के कारण सतर्क भी हैं। जो कंपनियां वेतन ज्यादा बढ़ाएंगी, वे अच्छे कामकाज की मांग भी करेंगी।
कंसल्टेंसी कंपनी हैविट एसोसिएट्स के संदीप चौधरी की राय है कि 2007 में 15.1 फीसदी वेतनवृद्धि हुई थी, इस साल सारे सेक्टर में 15.2 फीसदी औसत वेतनवृद्धि हो सकती है।
समस्या कहां: फर्क यह है कि कई क्षेत्रों में सतर्कता का माहौल है। साफ्टवेयर कंपनियों के संगठन नास्काम के वाइस चेयरमैन गणोश नटराजन का कहना है कि वेतनों को कोई बड़ा सदमा नहीं लगेगा। यह सही है कि अमेरिकी अनिश्चितताओं को देखते हुए कंपनियां सावधान रहेंगी, और सोच-समझकर वेतन बढ़ाएंगी।
सत्यम कंप्यूटर्स के मानव संसाधन विभाग के प्रमुख एस वी कृष्णन की राय में मंदी के बावजूद आईटी कंपनियों को 25-35 फीसदी व्यवसाय बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन वेतन पिछले साल के 14-17 फीसदी के मुकाबले 8-12 फीसदी ही बढ़ेगा। प्रतियोगिता को देखते हुए कोई कंपनी प्रतिभाओं को खोना नहीं चाहती। मैनपावर इंडिया के एमडी नरेश मल्हन का कहना है कि रीयल इस्टेट, बैंकिंग और रिटेल में कर्मचारियों के वेतन अच्छे खासे बढ़ेंगे।
रीयल इस्टेट: भूसंपत्ति की सलाहकार कंपनी जोंस लैंग लासाल के चेयरमैन अनुज पुरी का आकलन है कि वेतन 15-17 फीसदी बढ़ सकते हैं। पहले वे 20-25 फीसदी वेतनवृद्धि की उम्मीद कर रहे थे।
अंसल प्रापर्टीज के प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) कुणाल बैनर्जी का कहना है कि उनके यहां वेतन 15 फीसदी बढ़ सकते हैं। वाहन उद्योग भी वेतन वृद्धि को लेकर सतर्क है। महिंद्रा एंड महिंद्रा में एचआर प्रमुख राजीव दुबे का कहना है कि उद्योग में जिस तरह का माहौल है, पिछले साल के 13-15 फीसदी के मुकाबले वेतन में इजाफा इस साल कम रहेगा।
बैंकिंग में चमक:
कोटक महिंद्रा के वाइस प्रेसिडेंट (एचआर) सुभ्रो भादुड़ी की राय है कि बैंकिंग में प्रवेश के स्तर पर वेतन 25-30 फीसदी बढ़ेंगे, क्योंकि वसूली, रिलेशन और बिक्री के क्षेत्र में लोगों का अभाव है। कर्मचारियों के वेतन पिछले साल के समान ही 13-15 फीसदी होंगे। आउटसोर्सिग उद्योग में भी वेतन 15 फीसदी बढ़ सकते हैं।
माइंडक्रेस्ट के एमडी रोहन दलाल का कहना है कि लीगल प्रोसेसिंग उद्योग में 15 फीसदी वेतन बढ़ सकता है, क्योंकि पिछले दो साल में वेतन 50 फीसदी से ज्यादा बढ़ चुके हैं। पेंटालून के संजय जोग के अनुसार निचले स्तर पर वेतन 10 फीसदी बढ़ेंगे, वहीं मध्यम और वरिष्ठ स्तर पर 15 फीसदी।
अच्छे काम की मांग:
एबीसी कंसलटेंट्स शिव अग्रवाल का कहना है कि कंपनियां इस बार कामकाज पर काफी ज्यादा जोर देंगी। जिनका कामकाज अच्छा नहीं है, उनके प्रति वे ज्यादा उदार नहीं हो सकती हैं।
कंपनियों की वेतन वृद्धि में जनवरी से मार्च 2008 के नतीजे भी अहम भूमिका अदा करेंगे। जिन कंपनियों के नतीजे ठीक नहीं होंगे, उनका सतर्क होना स्वाभाविक है।
वेतन की माया:
* औसत वेतन 2007 में 15.1 फीसदी बढ़े थे, इस साल औसत वृद्धि 15.2 फीसदी रह सकती है। कुछ क्षेत्रों में इजाफा कम होगा।
* आईटी कंपनियों ने पिछले साल 14-17 फीसदी वेतनवृद्धि की थी, अब 8-12 फीसदी इजाफा कर सकती हैं।
* रीयल इस्टेट में 20-25 फीसदी वेतन वृद्धि की उम्मीद थी, लेकिन यह 15-17 फीसदी तक सीमित रह सकती है।
* वाहन उद्योग में पिछले साल 13-15 फीसदी वेतन बढ़े थे, अब इससे कम ही वेतन बढ़ेंगे।
* कंपनियां वेतन का परिवर्तनशील हिस्सा 5 फीसदी बढ़ा सकती हैं।