कोटा. शहर को हाइटेक बनाने और नागरिकों को सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली राजहंस बसें और ई-मित्र सोसायटी जैसी दो महत्वपूर्ण योजनाएं धराशायी हो गई। इसका खामियाजा जिला प्रशासन को नहीं बल्कि आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है। फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से इन योजनाओं के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
शहर में लोगों की आवाजाही को सहज बनाने के लिए मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा 26 जनवरी 2007 को राजहंस बसों का शुभारंभ किया गया था। जिसके एक वर्ष बाद 7 फरवरी को सभी बसें डिपो में खड़ी हो गई, हुआ कुछ नहीं परेशान लोगों को होना पड़ा।
इसी प्रकार वर्ष 17 जुलाई 2006 में शुरू हुई ई-मित्र योजना दो वर्ष तक लड़खड़ाते हुए चली और इस मार्च में पूरी तरह बंद हो गई। अब उपभोक्ताओं को अपने बिल जमा कराने के लिए विभागों में लंबी लाइन में लगना पड़ रहा है।