कोटा. केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री अजरुनसिंह द्वारा कोटा में आईआईटी की स्थापना के निर्णय को निराधार बताए जाने पर सोमवार को शहर के शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों और प्रबुद्घजनों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
रविवार को जोधपुर में अजरुनसिंह ने ‘भास्कर’ से खास बातचीत में कहा था कि आईआईटी के स्थान चयन के लिए बनाई कमेटी की अनुशंसा को मानने के लिए केंद्र सरकार बाध्य नहीं है। इस बयान से कोटा में आईआईटी खोले जाने के बारे में प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद फिर से संशय पैदा हो गया है।
>> केंद्र अनिश्चितता शीघ्र दूर करे
भाजपा के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सदस्य ललित किशोर चतुर्वेदी ने केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री अजरुनसिंह के राज्य में आईआईटी खोलने संबंधी बयान को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित आईआईटी के लिए स्थान चयन और अस्थाई भवन का निर्णय हो जाने के बाद यह बयान राजनीति से प्रेरित है। चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार से आईआईटी को लेकर चल रही अनिश्चितता शीघ्र दूर करने की मांग की है।
>> राजनीतिक भेदभाव ठीक नहीं
सांसद रघुवीरसिंह कौशल ने कहा कि कोटा में आईआईटी खुले यह केवल भावनात्मक मुद्दा नहीं होकर सर्वाधिक औचित्यपूर्ण आधार भी है। राज्य में आईआईटी खोलने के बारे में अजरुनसिंह का ताजा वक्तव्य नैतिक मापदंडों को लांघकर उनके राजनीतिक भेदभाव और कुंठा को दर्शाता है। अभी तक सभी आईआईटी राज्य सरकारों के प्रस्ताव के आधार पर ही खेली र्गई हैं, इसी का पालन राजस्थान में भी होना चाहिए।
>> आईआईटी पर सिर्फ कोटा का अधिकार
संसदीय सचिव ओम बिरला ने अजरुनसिंह के बयान को राजनीति से प्रेरित और हाड़ौती की विकास प्रक्रिया में बाधक बताया है। उन्होंने कहा कि कोटा में भौगोलिक और शैक्षणिक वातावरण देखकर ही राज्य सरकार ने यहां का प्रस्ताव भेजा है। इस महत्वाकांक्षी योजना में विलंब से राज्य के विकास को धक्का लगेगा। बिरला ने कहा कि आईआईटी कोटा का अधिकार है और इसे पाकर ही दम लेंगे, इसके लिए हर संभव संघर्ष किया जाएगा।
>> राज्य का प्रस्ताव मानना ही होगा
संसदीय सचिव भवानीसिंह राजावत ने कहा कि अजरुनसिंह को राज्य में आईआईटी के मुद्दे पर राजनीति करने से बाज आना चाहिए। आईआईटी के बारे में स्पष्ट नियम हैं कि जिस स्थान का प्रस्ताव राज्य भेजेगा, उसे केंद्र को मानना ही होगा। यह बयान गैर जिम्मेदाराना और राज्य की जनता की भावनाओं पर कुठाराघात है।
>> जनांदोलन करेंगे
भाजपा के शहर जिलाध्यक्ष मनमोहन जोशी ने कहा कि आईआईटी स्थान चयन में आवश्यकता और उपयोगिता की अनदेखी नहीं की जा सकती है। राज्य में इसे कहां खोला जाए, यह राज्य सरकार ही तय करेगी। अजरुनसिंह इसका फैसला नहीं कर सकते हैं। कमेटी की रिपोर्ट को नहीं माना तो न्याय मिलने तक कोटा में जनांदोलन किया जाएगा।
>> वादे से पीछे नहीं हट सकते अर्जुन
आईआईटी स्थापना संघर्ष समिति के संयोजक गोविंदराम मित्तल ने कहा कि कोटा की दावेदारी को लेकर अब किसी संशय की गुंजाइश नहीं है। स्वयं केंद्रीय कमेटी ने इसे उपयुक्त माना है। अर्जन सिंह किसी न किसी तरह कांग्रेस को इसका श्रेय दिलाना चाहते हैं, जो अब संभव नहीं है। केंद्र सरकार अब अपने वादे से पीछे नहीं हट सकती।
>> मापदंड नहीं बदल सकते
जिला प्रमुख कमला मीणा ने कहा कि जिला प्रशासन ने आईआईटी के निर्धारित मापदंडो के अनुसार ही स्थान चयन करके राज्य सरकार को भेजा है और केंद्रीय कमेटी ने भी इसे उपयुक्त माना है, फिर नियमों के खिलाफ कोई निर्णय कैसे किया जा सकता है। अजरुनसिंह का बयान बेबुनियाद है, आईआईटी कोटा को ही मिलेगी। हमने अपना काम किया
जिला प्रशासन सूत्रों ने बताया कि कोटा में प्रस्तावित आईआईटी के लिए रानपुर में पर्याप्त जमीन का अधिग्रहण और हवाई सेवा शुरू करने के बारे में पूरी तैयारी कर ली गई है। इसका प्रस्ताव भी राज्य सरकार को भेज दिया गया है।