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Madhya Pradesh
Gwalior Gwalior ग्वालियर. ठेके पर हो रही स्टेशन एरिया की मैकेनाइज सफाई व्यवस्था डगमगा गई है। उसकी वजह से ठेकेदार के कर्मचारी आधुनिक मशीनों की जगह हाथों से सिर्फ प्लेटफार्म को चमकाने में लगे हुए हैं। सकरुलेटिंग एरिया में गंदा पानी फैल रहा है और यात्री परेशान हैं।
ठेके की ओर बढ़ रही रेलवे ने कुछ महीने पहले ग्वालियर स्टेशन क्षेत्र की साफ-सफाई का ठेका एक निजी कंपनी के हाथों में सौंपा था। 90 हजार रुपए महीने पर दिए गए ठेके का काम तो चालू है लेकिन मैकेनाइज नहीं हो पा रहा है। प्लेटफार्म पर कंपनी के कर्मचारी डंडों की मदद से प्लेटफार्म को साफ करने में लगे हुए है।
तत्कालीन वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मनोज सिन्हा ने निजी कंपनी को स्टेशन परिसर के अंदर आने वाले सकरुलेटिंग एरिया, प्लेटफार्म के आफिस, यात्री प्रतीक्षालय, यात्री विश्रामालय, केबिन आदि का जिम्मा सौंपा था। यह जिम्मेदारी देते समय रेलवे ने मशीनों को चलाए जाने के लिए प्लेटफार्म पर स्विच सुविधा नहीं दी।
उसकी वजह से मैकेनाइज सिस्टम सफल नहीं हो पा रहा है। यह सुविधा दिए जाने के लिए रेलवे के बिजली विभाग ने एस्टीमेट दिया था, जो काफी महंगा बताया गया है। यही नहीं पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पा रही है।
पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो पाने से आफिस, सुर्कलेटिंग एरिया, रेल ट्रैक आदि जगह सफाई नहीं हो रही है। उसकी वजह से रेल ट्रैक में गंदगी पड़ी नजर आती है। यही नहीं दोनों तरफ के सकरुलेटिंग एरिया में भी ठीक तरह से सफाई नहीं हो पा रही है।
मशीनें सिर्फ शो पीस बनी हुई है। जब कभी झांसी रेल मंडल का अधिकारी का दौरा यहां होता है तो उस समय मशीनें कुछ हिस्से में ही चलती दिखाई देती है। उसके बाद उन्हें प्रतीक्षालय के बगल में बने कक्ष में रख दिया जाता है।