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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. शहर में आधा दर्जन मोबाइल कंपनियों के 100 से ज्यादा टावर हैं। इनमें से 30 बिना अनुमति लगाए गए हैं। निगम ने कंपनियों को नोटिस जारी की है। भास्कर संवाददाता ने शहर में आसमान पर उगे इन टावरों का जायजा लिया। किसी भी ऊंची बिल्डिंग से चढ़कर देखें तो चारों तरफ दर्जनों टावर दिखाई देते हैं। कहीं पर पतले कालम के सहारे टावर लगाए गए हैं तो कहीं पर छत के ऊपर नींव डाली गई है।
दीनदयाल उपाध्याय नगर, डगनिया, समता कालोनी, रामकुंड, आमापारा, जोरा पारा, स्टेशन रोड, गुढ़ियारी, शंकरनगर, शैलेंद्रनगर, तेलीबांधा सहित शहर की ज्यादातर कालोनियों में किसी न किसी कंपनी के टावर हैं।
टावर के आसपास रहने वाले पारसनगर के सुरेश जैन, गुढ़ियारी के रवि वर्मा और दीनदयाल उपाध्याय नगर के विभोर अग्रवाल का कहना है कि इन टावरों को देखकर डर लगता है। तेज हवा चलने पर ये हिलने लगते हैं। सूत्रों का कहना है कि कुछ कंपनियों ने नोटिस जारी करने के बाद निगम से अनुमति लेने आवेदन दिया है।
क्या हैं नियम
छत पर मोबाइल टावर लगाने के पहले नगर निगम से अनुमति लेनी पड़ती है। इसके लिए कंपनियों से सालाना 15 हजार रुपए फीस भी वसूली जाती है। मोबाइल कपंनी को टावर का स्ट्रक्चरल डिजाइन जमा करना होता है।
किसी मान्यता प्राप्त इंजीनियर से यह प्रमाणित करवाना अनिवार्य होता है कि वह मकान जिसमें टावर लगाया जाना है, इसका वजन सह सकेगा या नहीं। मकान का आधार इतना मजबूत है कि वह टावर को बैलेंस कर लेगा। इसके अलावा मकान मालिक का सहमति पत्र के साथ टैक्स जमा होने की रसीद देनी पड़ती है।
नियम कायदे ताक पर
शहर में जितने टावर लगे हैं उनमें से अधिकांश निर्धारित मापदंडों के अनुरुप नहीं हैं। मोबाइल कंपनियां प्रतिस्पर्धा के कारण टावर लगाने में जल्दबाजी करती हैं। निगम का काम काफी सुस्ती से चलता है इसलिए अनुमति मिलने से पहले ही कंपनियां टावर खड़ा कर देती हैं।
नगर निगम इनकी जांच भी नहीं कराता। एनआईटी के स्ट्रक्चरल इंजीनियर बताते हैं कि टावर की ऊंचाई और चौड़ाई के आधार पर उसकी विंड फोर्स सहने की क्षमता रहती है। किसी भी टावर की कुल ऊंचाई का एक तिहाई हिस्सा जमीन के अंदर होना चाहिए। लेकिन ये सभी टावर मकानों के ऊपर लगे हैं जिनके कालम 10-15 फीट ही हैं। जबकि टावर की ऊंचाई 50 से 75 फीट होती है।
>> मोबाइल टावर के लिए मापदंड निर्धारित हैं। उनसे किराया भी लिया जाता है। शहर में 30 टावर अवैध हैं। उन्हें नोटिस दी गई है।
एमके गुप्ता, नगर निवेशक निगम
>> बैगर अनुमति लगे टावरों को हटाने की नोटिस दी गई है। निगम अमले को कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।
जितेंद्र शुक्ला, आयुक्त नगर निगम
>> निगम टावर लगाने की अनुमति देने में देरी करता है। हमारे सभी टावर विधिवत अनुमति के बाद लगाए गए हैं।
बीके सिंह, एक निजी मोबाइल कंपनी प्रमुख