News
Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. करीब ढाई महीने की देरी के बाद सोमवार को राज्य शासन ने तीन आईपीएस अफसरों की डीपीसी कर उनके प्रमोशन को हरी झंडी दे दी। कुछ अरसा पहले कैबिनेट ने एक्स काडर के रूप में डीजी का एक पद बढ़ाया था। तभी से माना जा रहा था कि श्री नवानी और श्री पासवान को डीजी बनाया जाएगा।
श्री महेंद्रू 1976 बैच के आईपीएस हैं। वे डेपुटेशन पर हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ काडर में डीजीपी विश्व रंजन के बाद सबसे सीनियर होने के कारण उन्हें प्रमोट करना जरूरी था। प्रोफार्मा प्रमोशन का आशय ये है कि श्री महेंद्रू अब कभी भी छत्तीसगढ़ आएंगे, डीजी के पद पर रहेंगे।
शेष दो आईपीएस श्री नवानी और श्री पासवान छत्तीसगढ़ कैडर के 1978 बैच के अफसर हैं। फिलहाल श्री पासवान जेल और होमगार्ड के प्रभारी डीजी हैं। श्री नवानी के पास एडीजी सीएएफ का चार्ज है।
माना जा रहा है कि श्री पासवान के पास वही प्रभार रहेगा। श्री नवानी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के डीजी बना दिए जाएंगे। 1981 बैच के आईपीएस रामनिवास अभी आईजी फाइनेंस एंड प्लानिंग हैं। चर्चा है कि प्रमोशन के बाद उन्हें पुलिस मुख्यालय में ही एडीजी इंटेलिजेंस बनाया जा सकता है।
डीजी बनाने के लिए डीपीसी की बैठक दोपहर के बाद मंत्रालय में हुई। मुख्य सचिव शिवराज सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में पी जाय ओमेन शरीक नहीं हो पाए। उनकी जगह वरिष्ठ आईएएस बीकेएस रे ने ली। डीपीसी में डीजीपी श्री रंजन तथा प्रमुख सचिव गृह एनके असवाल भी थे। सीआर वगैरह चेक करने के बाद कमेटी ने प्रमोशनों को हरी झंडी दी।
चार आईजी जल्द
संकेत मिले हैं कि चार डीआईजी को भी अगले कुछ दिन में आईजी प्रमोट कर दिया जाएगा। प्रमोट होने वाले डीआईजी रमेश शर्मा, आरसी पटेल, बीएस मरावी और राजेश मिश्रा हैं। इनके लिए डीपीसी अप्रैल के पहले हफ्ते में हो सकती है। सूत्रों के अनुसार आईजी नक्सल आपरेशंस गिरिधारी नायक को भी अगले छह महीने में प्रमोट कर एडीजी बनाया जा सकता है।